मानसून पूर्व तैयारी तेज: गड़चिरोली में बाढ़-आपदा से निपटने को 24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम
Gadchiroli Weather Update: गड़चिरोली के प्रभारी जिलाधीश नितिन गावंडे ने मानसून पूर्व बैठक में विभागों को आपसी समन्वय, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न भंडारण और 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए।
- Written By: रूपम सिंह
मानसून, जिलाधिकारी (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Gadchiroli Weather Update Nitin Gawande: गड़चिरोली आगामी मानसून के दौरान संभावित बाढ़ तथा आपदा जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ ठोस कार्ययोजना तैयार करें। आपदा प्रबंधन कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखा जाए, खतरनाक भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट शीघ्र पूरा किया जाए तथा दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवाइयों और आवश्यक वस्तुओं का पूर्व भंडारण सुनिश्चित किया जाए। ऐसे निर्देश प्रभारी जिलाधिकारी नितिन गावंडे ने दिए। जिलाधिकारी कार्यालय स्थित नियोजन भवन में आयोजित जिला आपदा प्रबंधन तंत्र की मानसून पूर्व समीक्षा बैठक में वे संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र भुयार, निवासी उपजिलाधिकारी आशीष वानखेडे सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। वहीं, तहसील स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल थे। जिलाधिकारी गावंडे ने कहा कि जिले के बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों की सूची तैयार कर वहां विशेष सतर्कता बरती जाए। भामरागढ़, एटापल्ली तथा सिरोंचा जैसे बाढ़ संभावित क्षेत्रों में आवश्यक उपायों के साथ जनजागरूकता अभियान प्रभावी रूप से चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ अथवा अन्य आपदा के समय विभागीय समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, इसलिए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियां स्पष्ट कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें, उन्होंने ग्राम स्तर पर स्थानीय युवाओं, तैराकी में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों और बचाव कार्य में सहयोग करने वाले लोगों की सूची तैयार रखने के निर्देश दिए। साथ ही, ऐसे दूरस्थ गांव जहां संपर्क टूटने की आशंका रहती है, वहां आगामी चार महीनों के लिए खाद्यान्न, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा। स्वास्थ्य विभाग को सर्पदंश, मलेरिया, मस्तिष्क ज्वर और गैस्ट्रो जैसी बीमारियों से संबंधित दवाइयों का पर्याप्त भंडार सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए।
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दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतों को कुओं, हैंडपंपों और जलस्रोतों की सफाई करने तथा पेयजल स्रोतों के आसपास गंदा पानी जमा न होने देने के निर्देश भी दिए गए। आपदा राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए एंबुलेंस, बचाव नौकाओं तथा राहत कार्य में उपयोग होने वाले वाहनों हेतु डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी निलेश तेलतुंबडे ने संभावित बाढ़ जोखिम, संवेदनशील क्षेत्रों और विभागवार की जानेवाली तैयारियों को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
नदी तट के गांवों को समय पर दे सूचना
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नदी किनारे बसे गांवों को संभावित खतरे की सूचना समय पर देने के लिए सभी संबंधित विभाग सतर्क रहें। बाढ़ के दौरान पुलों पर पानी बहने की स्थिति में वाहन चलाने से बचने तथा बिना अनुमति नदी में नाव, डोंगा या अन्य जलयान ले जाने पर रोक रहेगी। साथ ही गांव-गांव में स्वच्छता, स्वास्थ्य और आपदा बचाव संबंधी जनजागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए।
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जिले में पुलिया, सड़कों के कार्य पूर्ण करें
गड़चिरोली जिलाधिकारी ने नदियों तथा नालों पर बने छोटे पुलों, सड़के, जलनिकासी मार्गों की मरम्मत तथा सफाई मानसून से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि यातायात बाधित न हो। राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग तथा ग्रामीण एवं शहरी सड़कों पर चल रहे कार्य समय पर पूरे करने पर भी उन्होंने जोर दिया। जहां कार्य अधूरे रहने की संभावना हो, वहां वैकल्पिक यातायात व्यवस्था और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया।
