Palghar: मनपा चुनाव से पहले राजनीतिक भूचाल, BJP को लग सकता है बड़ा झटका
BJP Councillors Nomination : वसई-विरार मनपा चुनाव से पहले BJP के 23 नगरसेवकों के नामांकन पत्रों में त्रुटियों का मामला कोर्ट पहुंच गया है। एफिडेविट पर साइन न होने के आरोपों ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी।
- Written By: अपूर्वा नायक
वसई-विरार महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Vasai Virar News In Hindi: वसई-विरार मनपा चुनाव से पहले ही राजनीतिक उथल-पुथल होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। यह साफ हो गया है कि बीजेपी के 23 नगरसेवकों द्वारा चुनाव के समय दाखिल किए गए नामांकन पत्र में भारी गलतियां हैं।
उम्मीदवारों ने वेरिफिकेशन पर साइन नहीं किया, जो एफिडेविट का एक जरूरी हिस्सा है। इस मामले को लेकर, एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और इस बारे में एक याचिका दाखिल की है।
हाल ही में वसई-विरार मनपा के चुनाव हुए थे। इसमें भाजपा के 43 उम्मीदवार चुने गए। लेकिन, आरोप है कि कुछ उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल करते समय शपथ पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। ऐसे में चुनाव निर्णय अधिकारी को उस नामांकन पत्र को बगैर किसी आब्जेक्शन के खारिज करने चाहिए थे।
सम्बंधित ख़बरें
Project-M पर भाजपा का हमला, कहा- कांग्रेस बन गई मुस्लिम लीग पार्टी
सांगली हत्याकांड के मुख्य गवाह की हत्या, कर्नाटक में मिली लाश; शिंदे गुट के पदाधिकारी समेत 3 गिरफ्तार
शरद पवार गुट के नेता विकास लवांडे पर जानलेवा हमला, स्याही फेंककर दी जान से मारने की धमकी, VIDEO वायरल
कांग्रेसियों पर FIR को लेकर बोले रामेश्वर शर्मा, सड़क पर आ गई है पूरी कांग्रेस, जीतू से दूर हुए वरिष्ठ नेता
इस मामले में अधिवक्ता प्रवीण पाटील ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की है कि उक्त उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खुद ही अमान्य/असंवैधानिक हैं और चुने गए उम्मीदवारों की सदस्यता रद्द की जाए।
बीजेपी के इन नगरसेवकों का मामला पहुंचा कोर्ट में
रीना उमाकांत वाघ (21), सान्वी (अश्रीता) संजोग यंदे (2 ब), रवी श्रीगोपाल पुरोहित (2क), जितेश हरिश्चंद्र राऊत (2 ड), गौरव वसंत राऊत (5 अ), संजना गणेश भायदे (5ब)। दर्शना अनिल त्रिपाठी (5 क), मेहुल अशोक शहा (5ड), हितेश नरेंद्र जाधव (6ड), नमिता प्रितेश पवार (11 अ), जितेंद्र मनोहर पाटील (11 ब), रसिका राजेंद्र ढगे (11 क), मनोज गोपाल पाटील (11 ड), मीरा निकम (16 ब), बंटी तिवारी (16 क), गणेश बालकृष्ण पाटील (18 अ), हेमलता (18 ब), ख्याति संदीप घरत (18 क), गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव (18 ड), अपर्णा पद्माकर पाटील (23) अ), महेश सदाशिव सरवणकर (23 ब), निम्मी निपुण दोषी (23 क), प्रदीप पवार (23 ड)।
अधिवक्ता ने रिटर्निंग ऑफिसर को भी बनाया पार्टी
अधिवक्ता प्रवीण पाटील ने कहा कि वसई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें उम्मीदवार, स्टिर्निंग ऑफिसर और राज्य चुनाव आयोग को पार्टी बनाया गया है। इस बारे में, हाई कोर्ट ने 2018 में ऐसे ही एक केस में ऐतिहासिक फैसला देते हुए उम्मीदवार की सदस्यता रद्द कर दी थी, क्योंकि वेरिफिकेशन में उनके हस्ताक्षर नहीं थे।
ये भी पढ़ें :- Palghar News: वसई-विरार में प्रदूषण बढ़ा, करोड़ों की फॉग कैनन गाड़ियां बनी शोपीस
पाटिल ने यह भी कहा है कि हमें अपनी न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और 23 नगरसेवकों की सदस्यता रद्द की जाएगी। बीजेपी ने 16 नगरसेवकों को हटाने के लिए बहुजन आघाड़ी के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की है, लेकिन अब यह बात सामने आई है कि 23 बीजेपी नगरसेवकों पर अपने पद खोने का खतरा मंडरा रहा है।
