

Vasai Virar Flood Relief Fund: जुलाई के पहले सप्ताह में आई भीषण बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित वसई-विरार के नागरिकों के लिए राहत की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वसई तहसील प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता का वितरण शुरू कर दिया है।
प्रशासन के मुताबिक, अब तक 15 हजार लाभार्थियों के बैंक खातों में DBT के माध्यम से ₹30 करोड़ की सहायता राशि जमा कराई जा चुकी है।
4 से 8 जुलाई के बीच हुई मूसलाधार बारिश के कारण वसई-विरार के निचले इलाकों में तीन से चार दिनों तक पानी जमा रहा था। रिहायशी क्षेत्रों और बाजारों में पानी घुसने से लोगों के घरों में रखा अनाज, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य जरूरी वस्तुएं खराब हो गई थीं।
बारिश और पानी के तेज बहाव के साथ तेज हवाओं के कारण 200 से अधिक कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद प्रभावित नागरिकों ने प्रशासन से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की थी।
आपूर्ति विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों की ओर से सर्वेक्षण के बाद वसई तालुका में कुल 19 हजार प्रभावितों का पंजीकरण किया गया। सरकारी नियमों के तहत प्रत्येक पात्र बाढ़ प्रभावित परिवार के लिए ₹20 हजार की आर्थिक सहायता मंजूर की गई।
इनमें से अब तक 15 हजार पात्र लाभार्थियों को ₹20-20 हजार की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।
तहसीलदार दीपक गायकवाड़ के अनुसार, करीब 4 हजार आवेदनों में नाम, पता या बैंक खाते से जुड़ी जानकारी में तकनीकी त्रुटियां पाई गई हैं। इन मामलों का तेजी से सत्यापन किया जा रहा है।
दुकानदारों के नुकसान का पंचनामा भी किया गया है और उनके दस्तावेज जमा कराए गए हैं। जिन लाभार्थियों के दस्तावेज अधूरे हैं, कागजात पूरे होने के बाद उन्हें भी नियमानुसार नुकसान की सहायता राशि दी जाएगी।
प्रशासन ने बताया कि जिन लाभार्थियों की सहायता तकनीकी कारणों से रुकी हुई है, उनके लिए वसई तहसील कार्यालय ने ऑनलाइन सत्यापन और त्रुटि निवारण की सुविधा शुरू की है। इसके माध्यम से प्रभावित नागरिक नाम, पता, बैंक खाता संख्या और IFSC कोड जैसी जानकारी में जरूरी सुधार कर सकते हैं।
प्रशासन का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद शेष पात्र प्रभावितों को भी आर्थिक सहायता उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।