प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nalasopara Instagram Hate Video Arrest: सोशल मीडिया पर रातों-रात ‘स्टार’ बनने और ‘लाइक्स-व्यूज’ की अंधी दौड़ ने युवाओं की सोच को किस कदर जहरीला बना दिया है, इसका एक खौफनाक चेहरा नालासोपारा में सामने आया है।
अपनी असली पहचान छिपाकर दो समुदायों के बीच नफरत के बीज बोने की कोशिश करने वाले एक ‘रीलबाज’ को पालघर पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस ने न केवल आरोपी को दबोचा, बल्कि उसे कानून का ऐसा ‘इंगा’ (सबक) दिखाया है कि अब वह दोबारा रील बनाने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा।
पुलिस की तफ्तीश में जो चौंकाने वाला सच सामने आया है। उसने सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नालासोपारा (पूर्व), आंबावाडी निवासी गणेश झा (24) के रूप में हुई है। साजिश का तरीका आरोपी ने इंस्टाग्राम पर खुद को मुस्लिम युवक के रूप में पेश किया था।
वह अपनी पहचान बदलकर लगातार भड़काऊ वीडियो पोस्ट कर रहा था। हालिया वीडियो में उसने दलित समाज के खिलाफ अत्यंत आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणी की थी। उसका मुख्य उद्देश्य दो समुदायों के बीच जातीय और धार्मिक तनाव पैदा कर दंगा भड़काना था।
जैसे ही यह भड़काऊ वीडियो वायरल हुआ, इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। विशेषकर दलित समुदाय के नागरिकों में इस अपमानजनक टिप्पणी को लेकर भारी आक्रोश फैल गया।मामले की गंभीरता और शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए आचोले पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। तकनीकी सर्विलांस और साइबर सेल की मदद से पुलिस ने उस ‘डिजिटल मुखौटे’ को उतार फेंका और आरोपी गणेश झा को उसके ठिकाने से धर दबोचा।
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आचोले थाना के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुजीत कुमार पवार ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर समाज में जहर घोलने वालों के लिए जेल ही सही जगह है।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस की सोशल मीडिया सेल 24 घंटे सक्रिय है और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करें, न कि इसे नफरत फैलाने का हथियार बनाएं।