

नालासोपारा में युवती की शिकायत पर आरिफ शेख, उसकी मां और साहिल खान के खिलाफ केस दर्ज।
शादी का झांसा, मारपीट, धर्म परिवर्तन के दबाव और धमकी देने के आरोप।
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच शुरू की।
Nalasopara Garba Dispute: नालासोपारा पश्चिम में नवरात्रि उत्सव के दौरान गरबा खेलने आने वाली युवतियों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपी आरिफ अय्यूब शेख के मामले में नया मोड़ आ गया है।
पुलिस स्टेशन में आपराधिक मामले दर्ज होने के बाद अब युवती द्वारा लगाए गए धर्म परिवर्तन के दबाव और अंधविश्वास के नाम पर धमकाने के गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरिफ के साथ उसकी मां रुकसाना और एक अन्य व्यक्ति साहिल खान को भी आरोपी बनाया है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2) (एम), 127(2), 115(2), 352, 351(2) और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। गौरतलब है कि 12 अक्टूबर को 22 वर्षीय युवती ने नालासोपारा पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई,
जिसके आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पीड़िता एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के रूप में काम करती है और दिसंबर 2024 में उसकी मुलाकात मीरा रोड के एक होटल में आरिफ से हुई थी।
पीड़िता का आरोप है कि आरिफ ने जल्द शादी करने का झांसा देकर उसकी मर्जी के बिना कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद जब वे हनुमान नगर में किराए के कमरे में लिव-इन में रहने लगे, तब भी उत्पीड़न का सिलसिला थमा नहीं और विरोध करने पर आरिफ तथा उसके ममेरे भाई साहिल खान ने उसके साथ मारपीट की। पिछले साल नवरात्र के दौरान जब एक मित्र ने पीड़िता को आरिफ की अन्य युवतियों के साथ संलिप्तता की सच्चाई बताई, तो आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया और उसके साथ मारपीट की।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरिफ की मां ने उससे कहा कि शादी के बाद उसे बुर्का पहनाया जाएगा, और आरिफ ने उस पर अपना नाम बदलकर सानिया शेख रखने का दबाव बनाया।
विरोध करने पर आरोपी ने भड़काऊ टिप्पणियां कीं और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जिम इंस्ट्रक्टर आरिफ शेख के खिलाफ शादी का झांसा देकर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने के मामले में आगे की तफ्तीश जारी है।
पीड़िता ने अपनी एक सहेली को मदद के रूप में तीन लाख रुपये दिए थे, जिसे वह वापस करने में आनाकानी कर रही थी। आरिफ ने मदद का भरोसा दिलाया और पीडिता को नालासोपारा पुलिस थाने ले जाकर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद आरोपी ने पालघर जिले के पुलिस मदद के नाम पर 10 हजार रुपये भी ऐंठ लिए। मामले में नया मोड़ तब आया, जब आरिफ पीड़िता को अपनी मां रुकसाना शेख के पास ले गया, जो खुद को ज्योतिषी बताती है।
आरोप है कि आरिफ की मां ने पीड़िता को बुरी तरह डराया और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए कहा कि तुम्हारी मां मर चुकी है और उनके शरीर में भूत है, इसलिए घरवाले तुम्हें मार डालेंगे। इस भारी मानसिक प्रताड़ना और डर के कारण पीड़िता एक अप्रैल 2025 को अपना घर छोड़कर आरिफ के साथ रहने के लिए मजबूर हो गई।
आरोपी के मोबाइल फोन को जब्त कर उसकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट सामने आने के बाद कई अन्य महत्वपूर्ण तथ्य उजागर होंगे। पुलिस इस संवेदनशील प्रकरण के सभी पहलुओं की निष्पक्षता से जांच कर रही है।
शशिकांत बोराटे, डीसीपी जोन-3
यह घटना केवल एक व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि हमारी बेटियों के भविष्य और देश की आंतरिक सुरक्षा पर एक सुनियोजित हमला है। आरिफ तो सिर्फ एक मोहरा है। इसके पीछे सक्रिय ड्रग माफिया और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग के अवैध नेटवर्क का पूरी तरह से पर्दाफाश करना अब बेहद आवश्यक हो गया है।
किरीट सोमैया, भाजपा नेता
इस मामले में पहले पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की थी। दूसरे दिन अहमद मेमन नामक एक व्यक्ति ने मुख्य आरोपी आरिफ शेख को अपने साथ ले जाने का भी प्रयास किया था। यह अत्यंत शर्मनाक - और चिचंताजनक मामला है, जिसमें युवती की मर्यादा को तार-तार किया गया है। हम मांग करते हैं कि इस पूरे गंभीर प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच हो ताकि संलिप्त सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।
प्रदीप मिश्रा, प्रभारी, विश्व हिंदू महासंघ