छत्रपति संभाजीनगर: ग्रामीण के 32 लाख लोगों को मिलेगी राहत, सूखा निवारण के लिए ZP ने अधिकारियों को दिए निर्देश

Sambhajinagar ZP Drought Relief Plan: संभाजीनगर में सूखे से निपटने के लिए जिला परिषद ने जलापूर्ति, चारा, फसल नुकसान, स्वास्थ्य और रोजगार की समीक्षा की। 159 टैंकरों से पानी और 383 नए बोरवेल की योजना।
Chhatrapati Sambhajinagar Water Crisis Crop Loss Compensation
संभाजीनगर ZP सूखा राहत योजनासोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 159 टैंकरों से जलापूर्ति जारी।

  • दिसंबर तक टैंकरों की संख्या बढ़कर 462 होने का अनुमान।

  • 335 गांवों और 47 बस्तियों में 383 नए बोरवेल बनाने की योजना।

  • 5.62 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसल नुकसान के पंचनामे पूरे।

  • 65 हजार से अधिक दसवीं-बारहवीं के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ करने की जानकारी।

Chhatrapati Sambhajinagar Water Crisis Crop Loss Compensation: छत्रपति संभाजीनगर जिले में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए जिला परिषद ने जलापूर्ति, चारा, फसल नुकसान, स्वास्थ्य और रोजगार की समीक्षा की। फिलहाल 159 टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। 383 नए बोरवेल बनाने की योजना है, जबकि 1,386 गांवों में फसल नुकसान के पंचनामे जारी हैं।

सूखे से निपटने के लिए जिला परिषद अलर्ट

छत्रपति संभाजीनगर जिले में सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला परिषद ने राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 32 लाख नागरिकों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में जल संकट, पशुओं के लिए चारा, फसल नुकसान का मुआवजा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के उपायों की समीक्षा की गई।

बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष अविनाश गलांडे पाटील, उपाध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीएम मिन्नू उपस्थित थे। जल जीवन मिशन, सिंचाई, कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य तथा ग्रामीण रोजगार योजनाओं के कामकाज की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि सूखा निवारण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दिसंबर तक 462 टैंकरों की जरूरत का अनुमान

छत्रपति संभाजीनगर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में फिलहाल 159 टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। प्रशासन के अनुमान के अनुसार, दिसंबर तक टैंकरों की संख्या बढ़कर 462 तक पहुंच सकती है।

इसके अलावा, जिले के 61 गांवों में 92 कुओं का अधिग्रहण किया गया है। वहीं, 65 गांवों और दो बस्तियों में बोरवेल की मरम्मत का काम जारी है। प्रशासन ने 335 गांवों और 47 बस्तियों में 383 नए बोरवेल बनाने की योजना तैयार की है।

जल जीवन मिशन के जिन कार्यों का काम अंतिम चरण में है, उन्हें तत्काल पूरा करने और बंद पड़े हैंडपंपों की मरम्मत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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फरवरी से जून तक चारे का संकट संभव

सूखे के दौरान पशुधन को बचाना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, जिले में प्रतिदिन करीब 3,022 मीट्रिक टन चारे की जरूरत है। फिलहाल उपलब्ध 4.95 लाख मीट्रिक टन चारा जनवरी तक पर्याप्त बताया गया है, लेकिन फरवरी से जून के बीच संकट गहराने की आशंका जताई गई है।

चारे की उपलब्धता बढ़ाने के लिए चारा फसलों के बीजों की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जिला योजना समिति से दो करोड़ रुपये मिलने की जानकारी दी गई।

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1,386 गांवों में फसल नुकसान के पंचनामे

जिले के 1,386 गांवों में फसल नुकसान के पंचनामे किए जा रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कुल 6,45,512 हेक्टेयर क्षेत्र में से 5,62,595 हेक्टेयर क्षेत्र के पंचनामे पूरे हो चुके हैं। शेष कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

65 हजार से अधिक विद्यार्थियों की फीस माफ

ग्रामीण परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए दसवीं और बारहवीं के 65 हजार से अधिक विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ करने की जानकारी शिक्षा विभाग ने दी। गर्मियों की छुट्टियों के दौरान अप्रैल-मई में विद्यार्थियों को पोषण आहार उपलब्ध कराने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग को पेयजल शुद्ध करने के लिए टीसीएल का पर्याप्त भंडार रखने, जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराने और संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। तहसील स्तर पर मोबाइल मेडिकल इमरजेंसी सेवा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।

इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 2.63 करोड़ रुपये के कार्यों की योजना बनाई गई है। प्रशासन ने सभी विभागों को तत्काल उपाय करने और जरूरतमंद परिवारों तक राहत पहुंचाने पर जोर दिया।

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