येवला में अजीत पवार को सर्वदलीय श्रद्धांजलि, उमड़ा जनसैलाब; नेताओं ने साझा किए संस्मरण
Yeola All-Party Tribute: उपमुख्यमंत्री स्व. अजीत पवार के निधन पर येवला में सर्वदलीय शोकसभा आयोजित हुई। नेताओं ने उनके विकास कार्यों को याद कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Yeola Condolence Meeting: येवला राज्य के उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत पवार के आकस्मिक निधन से पूरा महाराष्ट्र शोक में डूबा हुआ है। इसी पृष्ठभूमि में, येवला तहसील में भी एक भव्य सर्वदलीय शोकसभा का आयोजन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार गुट) द्वारा माधवराव पाटिल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस सभा में राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर विभिन्न दलों के नेता और भारी संख्या में नागरिक शामिल हुए।
शोकसभा के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एड. माणिकराव शिंदे ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, राजनीतिक रूप से हम शरदचंद्र पवार जी के गुट में भले ही हों, लेकिन अजीत दादा के साथ हमारे पारिवारिक और बेहद करीबी संबंध थे।
सम्बंधित ख़बरें
पूनम टॉवर-चैंबर पर हाईकोर्ट सख्त: अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई में अड़चनें, सुनवाई जून तक टली
नागपुर मध्य रेल ने वसूला 3.56 लाख का जुर्माना, विदेशी पर्यटक टिकट पर यात्रा करने वालों पर शिकंजा
‘कुछ धोती में, कुछ सूट-बूट में लेकिन सब कोश्यारी’, TVK के समर्थन में तमिलनाडु के राज्यपाल पर भड़के संजय राउत
महाराष्ट्र में जमीन मालिकों की बल्ले-बल्ले! क्लास-2 की खेती वाली जमीन को क्लास-1 में बदलना हुआ बेहद आसान
उन्होंने येवला तहसील के विकास के लिए निधि आवंटन में कभी भेदभाव नहीं किया। उन्हीं के सहयोग से तहसील के कई वर्षों से लंबित कार्य पूर्ण हो सके हैं।
बाजार समिति के नामकरण का प्रस्तावः अजीत दादा द्वारा तहसील के किसानों के हित में किए गए ऐतिहासिक कार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए, एड। माणिकराव शिंद ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा।
यह भी पढ़ें:-नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ सांस्कृतिक विरासत: आयोजन का होगा व्यापक दस्तावेजीकरण- मंत्री शेखावत
पुरानी यादों को किया साझा
उन्होंने मांग की कि येवला कृषि उपज बाजार समिति का नाम बदलकर ‘स्वर्गीय अजीत दादा पवार’ रखा जाए और समिति परिसर में उनकी एक भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए, शिवसेना के युवा नेता कुणाल दराडे ने इस प्रस्ताव का समयेंन किया और दादा के साथ जुड़ी पुरानी यादों को साइत करते हुए इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द लागू करने का आग्रह किया।
