नासिक विधान परिषद सीट पर महायुति में घमासान; सुनेत्रा पवार की एंट्री की चर्चा से अजीत गुट ने भी ठोका दावा
Nashik MLC Election News: नासिक विधान परिषद सीट को लेकर महायुति में संघर्ष तेज। सुनेत्रा पवार की चर्चा के बीच अजीत पवार गुट ने ठोका दावा। भाजपा और शिंदे गुट भी पीछे हटने को तैयार नहीं।
- Written By: रूपम सिंह
विधान परिषद सीट (फोटो. सोशल मीडिया)
Maharashtra Politics MLC Election: नासिक विधान परिषद की एक सीट को लेकर महायुति में चल रहे राजनीतिक संघर्ष ने अब नया मोड़ ले लिया है। अब तक भाजपा और शिवसेना शिंदे गुट के बीच चल रही अंदरूनी प्रतिस्पर्धा में अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी जोरदार दावा ठोक दिया है, जिससे नासिक के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
खास बात यह है कि इस सीट को लेकर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की रुचि सामने आने की चर्चा शुरू होने से महायुति के भीतर का विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है। मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायकों ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से मुलाकात की, जिसके बाद माना जा रहा है कि पार्टी ने नासिक विधान परिषद सीट को लेकर आधिकारिक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है।
समन्वय समिति की बैठक में अंतिम फैसले की उम्मीद
इसके बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस ने इस सीट पर दावा पेश किया और एड। शिवाजी सहाणे का नाम संभावित उम्मीदवार के तौर पर चर्चा में आ गया है। इघर, नासिक की यह सीट आखिर किसके खाते में जाएगी, इस पर पूरे राज्य की नजरें टिक गई हैं।
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भाजपा और शिंदे गुट दोनों ने इस सीट पर अपना दावा कायम रखा है। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस की एंट्री के बाद महायुति के भीतर का अंदरूनी संघर्ष और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। महायुति की समन्वय समिति की बैठक में इस सीट पर अंतिम फैसला होने की संभावना है और तब तक राजनीतिक माहौल गर्म रहने वाला है। 2018 के विधान परिषद चुनाव में नासिक से शिवसेना के नरेंद्र दराडे विजयी हुए थे।
इसी वजह से शिंदे गुट इस सीट पर अपना स्वाभाविक दावा मान रहा है। दूसरी ओर, हाल ही में हुए स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव में भाजपा को बड़ी सफलता मिली थी, इसलिए भाजपा भी यह सीट छोड़ने के मूड में नहीं दिखाई दे रही है।
सूत्रों के अनुसार, विधान परिषद की 17 सीटों में से भाजपा 12, शिवसेना शिंदे गुट 4 और राष्ट्रवादी कांग्रेस 1 शिवसेना सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। ठाणे, नासिक, यवतमाल और परभणी-हिंगोली की 4 सीटें शिवसेना को मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, नासिक सीट को लेकर अभी भी पेच बरकरार है। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस को रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीट मिलने की संभावना बताई जा रही है। इस
चुनाव के लिए 25 मई से 1 जून तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जबकि 22 जून को मतदान होगा। अभी तक किसी भी उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है, लेकिन नासिक सीट को लेकर पर्दे के पीछे चल रही राजनीतिक हलचल अब खुली लड़ाई में बदलती दिखाई दे रही है।
महायुति के नेता भले ही एकजुट होकर चुनाव लड़ने का दावा कर रहे हों, लेकिन कुछ सीटों पर मैत्रीपूर्ण मुकाबले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, नासिक सीट को लेकर पैदा हुआ विवाद महायुति के लिए सिरदर्द बनेगा या नहीं, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
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आंकड़ों में महायुति मजबूत
नासिक जिले के निर्वाचन क्षेत्र में महानगरपालिका, नगरपालिका और नगर पंचायतों के कुल 623 नगरसेवक मतदाता हैं। इनमें भाजपा के पास 190, शिंदे गुट के पास 171 और अजीत पवार गुट के पास 107 वोट हैं। वहीं ठाकरे गुट के पास 45, कांग्रेस के पास 13, इस्लाम पार्टी के पास 35, एआईएमआईएम के पास 21 और अन्य के पास 41 वोट हैं। आंकड़ों के हिसाब से महायुति मजबूत स्थिति में है। यदि तीनों दल एकजुट होकर चुनाव लड़ते हैं तो यह सीट आसानी से जीत सकते हैं। लेकिन अगर अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं तो महायुति के भीतर संघर्ष तय माना जा रहा है।
