नासिक में फिर लगा ईंधन का झटका; पेट्रोल 112 पार, डीजल की किल्लत से पंपों पर भारी बवाल

Nashik Fuel Crisis: नासिक में पेट्रोल ₹2.73 और डीजल ₹2.81 महंगा होने से जनता में आक्रोश है। दामों में बढ़ोतरी के साथ ईंधन की किल्लत के चलते पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और विवाद जारी हैं।
Fuel prices hiked again in Nashik with petrol up by ₹2.73 and diesel by ₹2.81. Severe fuel shortage and soaring rates have triggered long queues and panic at pumps.
पेट्रोल, डीजल की किल्लत (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Nashik Fuel Price Hike: नासिक शहर में एक बार फिर आम जनता को ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल की कीमत में 2.73 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.81 रुपये प्रति लीटर की भारी वृद्धि की गई है। नए दामों के लागू होने के बाद अब पेट्रोल 112.47 रुपये और डीजल 99.11 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले 11 दिनों के भीतर चौथी बार हुई इस मूल्यवृद्धि के कारण आम नागरिकों में प्रशासन और तेल कंपनियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी से आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।

पेट्रोल पंपों पर सुबह से लग रही लंबी कतारें

इस बीच, पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि पंपों की लोकेशन के आधार पर दरों में 15 पैसे तक का अंतर आ सकता है। एक तरफ आसमान छूती कीमतें और दूसरी तरफ ईंधन की किल्लत के कारण नासिक के लोग दोहरे संकट में फंस गए हैं। सरकार से इस मूल्यवृद्धि पर तुरंत नियंत्रण लगाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच नासिक शहर और ग्रामीण इलाकों के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति व्यवस्था अब तक सुचारू नहीं हो सकी है।

इसके चलते किसानों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डीजल लेने के लिए पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं, जिससे कई जगहों पर विवाद और मारपीट की घटनाएं भी सामने आई हैं। चिलचिलाती धूप में घंटों खड़े रहने के बाद भी ईंधन न मिलने से नागरिकों का गुस्सा फूट रहा है।

डीलर्स एसोसिएशन का नुकसान होने का दावा

 पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि एक तरफ जहां कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ पंपों पर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध न होने के कारण इस मूल्यवृद्धि से डीलरों को शून्य रुपये का फायदा हो रहा है। ईंधन की बिक्री ठप होने की वजह से व्यवसाय को चालू रखने के लिए उन्हें अपनी जेब से पूंजी लगानी पड़ रही है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com