देवला तहसील के फंगदार प्राइमरी स्कूल में अनोखा उपक्रम, गर्मी में पक्षियों के लिए जल का प्रबंध
- Written By: प्रभाकर दुबे
देवला: नाशिक, देवला (Devla) और आसपास के इलाकों में तापमान (Temperature) 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। बढ़ते तापमान का सबसे ज्यादा असर पशु-पक्षियों पर पड़ रहा है। देवला तहसील के फंगदार (खामखेड़ा) प्राथमिक विद्यालय (Fangdar Primary School) के बच्चे पिछले कई वर्षों से स्कूल परिसर (School Campus) में पक्षियों (Birds) के लिए जल की व्यवस्था कर रहे हैं।
स्कूल परिसर में पक्षियों के लिए पानी की उपलब्धता के कारण गौरैया, सालुंकी, कौए, बुलबुल, कोयल और कबूतर जैसे पक्षी दिखाई देने लगे हैं। दवा की खाली बोतलों को क्षैतिज रूप से काटा जाता है, ताकि पक्षी उससे पानी पी सकें।
40 से अधिक स्थानों पर पानी की व्यवस्था
छात्र बोतल को काट कर वृक्षों या किसी सुरक्षित स्थानों पर लटका देते हैं। कुछ स्थानों पर बाजरा और चावल के दाने भी उपलब्ध कराए गए हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय गुंजाल और शिक्षक खांडू मोरे ने छात्रों के सहयोग से विद्यालय परिसर में 40 से अधिक स्थानों पर पक्षी के पीने के लिए पानी की व्यवस्था की गई है। समूह शिक्षा अधिकारी सतीश बच्छाव, शिक्षा विस्तार अधिकारी किरण विसवे, नंदू देवरे, केंद्र प्रमुख गंगाधर लोंधे सहित अभिभावकों ने स्कूल की इस अभिनव पहल की सराहना की है।
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रोज भरा जाता है पानी
छात्रा हर्षाली बच्छाव ने कहा कि दवा की खाली बोतलों को साफ धोकर उसे आधा काटकर पेड़ों पर लटका दिया जाता है। हर सुबह हम इन बोतलों में पानी भरा जाता है, ताकि पक्षियों को पीने का पानी मिल सके। शिक्षा विस्तार अधिकारी किरण विसावे ने कहा कि पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था करने से छात्रों के मन पक्षियों के प्रति करुणा पैदा होती है। फंगदार स्कूल द्वारा की गई यह पहल बहुत ही सराहनीय है। प्रधानाध्यापक संजय गुंजाल ने कहा कि कई छात्र 3 किमी की दूरी से स्कूल आते हैं और सड़क के किनारे लगे वृक्षों की डाल पर आधी कटी हुई बोतल बांधकर रख देते हैं ताकि पक्षी पेड़ पर विश्राम के दौरान बैठे तो पानी पीकर अपनी प्यास, बुझा सकें।
