इंटरकास्ट लव मैरिज करने वालों को मिलेगी पुलिस सुरक्षा, कमिश्ननरेट में हुआ स्पेशल इंतजाम
अंतरजातीय और अंतरधार्मिक विवाह करने वाले दंपती की शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए नासिक के शहर पुलिस आयुक्तालय में एक विशेष कक्ष की स्थापना की गई है। अंतरजातीय और अंतरधार्मिक विवाह करने वाले जोड़ों को आवश्यकतानुसार पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
- Written By: आकाश मसने
कॉन्सेप्ट फोटो (साेर्स: सोशल मीडिया)
नासिक: अंतरजातीय और अंतरधार्मिक विवाह करने वाले दंपती की शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए नासिक के शहर पुलिस आयुक्तालय में एक विशेष कक्ष की स्थापना की गई है। पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक और अपर पुलिस आयुक्त प्रशांत बच्छाव के आदेश पर, पीसीबी-एमओबी के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक आंचल मुदगल इस विशेष कक्ष के प्रभारी अधिकारी हैं और प्रेम विवाह करने वाले दंपती को पुलिस संरक्षण भी दिया जाएगा। समाज में एक ओर प्रेम विवाहों की संख्या बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ वर्षों में अंतरजातीय और अंतरधार्मिक विवाह करने वालों को विभिन्न समाज घटक और जात पंचायती, जातीय दरार बढ़ाने वाले घटक जानबूझकर छेड़छाड़ करते हैं।
इस संबंध में कई प्रकार के मामले सामने आए हैं। 2 लोगों की सहमति से हुए इस विवाह का विरोध करके कुछ व्यक्ति, समूह, समाज अत्यधिक क्रूरता से कानून हाथ में लेकर गंभीर अपराध भी कर रहे हैं, ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। ऐसी घटनाओं को स्थायी रूप से रोकने के साथ-साथ दंपती को संरक्षण देने की जिम्मेदारी राज्य गृह विभाग और स्थानीय पुलिस की है, ऐसे आदेश सर्वोच्च न्यायालय ने दिए हैं।
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इस बीच, सर्वोच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की गई है, जिसके अनुसार याचिका में दिए गए दिशानिर्देशों का तत्काल पालन करने के निर्देश केंद्र शासित प्रदेश, राज्य और उनके पुलिस प्रमुखों के साथ-साथ संबंधित आस्थापनाओं को दिए गए हैं। इसके तहत यह कक्ष कार्यान्वित किया गया है।
पुलिस विवाहित जोड़ों को देगी सुरक्षा
अंतरजातीय और अंतरधार्मिक विवाह करने वाले जोड़ों को आवश्यकतानुसार पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा विवाह से संबंधित शिकायतों पर ध्यान देकर संदिग्ध व्यक्ति और तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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स्थापित कक्ष के अंतर्गत पुलिस आयुक्त अध्यक्ष, जिला समाज कल्याण अधिकारी सदस्य और जिला महिला और बाल विकास अधिकारी सदस्य सचिव हैं। शहर आयुक्तालय में विशेष कक्ष की स्थापना की गई है, जिसके प्रभारी वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक डॉ. आंचल मुदगल हैं। यह कक्ष आंतरजातीय और आंतरधार्मिक विवाह करने वाले जोड़ों को सुरक्षा प्रदान करने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए काम करेगा।
