Singhastha 2027 Nashik:सिंहस्थ कुंभमेला 2027 की तैयारियों के तहत कुंभ प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने नासिक जिले के सुकेने, खेरवाडी, ओढा और देवलाली रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण कर बुनियादी ढांचे और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की।
Nashik Railway Station Inspection: सिंहस्थ कुंभमेला 2027 की तैयारियों की समीक्षा करने के उद्देश्य से कुंभमेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने आज नासिक जिले के प्रमुख रेलवे स्टेशनों का संयुक्त निरीक्षण किया। रेलवे विभाग और संबंधित नागरिक निकायों के समन्वय से किए गए इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मौजूदा बुनियादी ढांचे की स्थिति और भविष्य में यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने की क्षमता का आकलन करना था। निरीक्षण दल ने कसबे सुकेने, खेरवाडी, ओढा और देवलाली स्टेशनों का दौरा किया।
इस दौरान वहां उपलब्ध सुविधाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया गया और आवश्यक सुधारों तथा अतिरिक्त सुविधाओं की आवश्यकताओं पर चर्चा की गई। देवलाली रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के समय देवलाली कैंटोनमेंट बोर्ड के अध्यक्ष ब्रिगेडियर एन। आर। पांडे भी उपस्थित थे।
आयुक्त शेखर सिंह और ब्रिगेडियर पांडे के बीच स्टेशन परिसर की व्यवस्था, प्रबंधन और आपसी समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण दौरे में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, जिनमें रेलवे के वरिष्ठ मंडल अभियंता (कुंभ) मनीष सिंह, भुसावल मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त चित्रेश जोशी, नासिक शहर पुलिस उपायुक्त (जोन 1) मोनिका राउत, नासिक उपविभागीय अधिकारी अर्पिता ठुबे, नासिक ग्रामीण पुलिस और आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी, एमएसआरटीसी के विभागीय यातायात अधिकारी किरण भोसले शामिल थे।
निरीक्षण के दौरान प्रत्येक स्टेशन पर बुनियादी ढांचे की कमियों, भीड़ प्रबंधन, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और ‘लास्ट माइल’ कनेक्टिविटी जैसे तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से विमर्श किया गया।
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पीक डेज (शाही स्नान के दिन) के दौरान उमड़ने वाली लाखों की भीड़ का सुचारू प्रबंधन। कुंभमेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने कहा कि सिंहस्थ 2027 के दौरान लाखों श्रद्धालु रेलवे के माध्यम से नासिक पहुंचेंगे।
इसके लिए सक्षम बुनियादी ढांचा और सभी तंत्रों के बीच तालमेल अत्यंत आवश्यक है। आज के निरीक्षण से स्थानीय स्तर की जरूरतों का खाका स्पष्ट हो गया है। हम श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का भी इसी तरह निरीक्षण किया जाएगा और प्राप्त सुझावों को सिंहस्थ 2027 की अंतिम नियोजन योजना में शामिल किया जाएगा।