800 सीसीटीवी कैमरों से होगी पूरे नासिक शहर की सुरक्षा, आपराधिक घटनाओं पर पुलिस रखेगी ध्यान
- Written By: अमन दुबे
नासिक : पूरे शहर की सुरक्षा अब सीसीटीवी (CCTV) के माध्यम से की जाने वाली है। इसके लिए स्मार्ट सिटी कंपनी सोसाइटी (Smart City Company) में लगाए गए सीसीटीवी का बैकअप 3 से 6 महीने तक संभालकर रखने वाली है। इसके माध्यम से पुलिस आपराधिक घटनाओं पर नज़र रखने वाली है। पूरे शहर को सुरक्षित रखने के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी आयटी प्रकल्प (Smart City Company IT Project) के अंतर्गत शहर में 1600 सीसीटीवी कैमरे बिठाने वाली है। परंतु राज्य सरकार के महा आईटी कंपनी ने इसमें बदलाव करते हुए 1600 के बजाए 800 कैमरे बिठाने का निर्णय लिया है, जिसमें 371 जगह निश्चित करते हुए 712 फिक्स बॉक्स कैमरे, 88.30 झूम कैमरे लगाए जाएंगे।
उसमें भी 159 स्थानों पर 278 फिक्स बॉस कैमरे और अन्य 34 जगह पर पॉइंट झूम कैमरे बिठाए जाएंगे। मार्च आखिर तक शहर में 800 सीसीटीवी कैमरे बिठाए जाएंगे। एक और मुख्य सड़क और सार्वजनिक क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे बिठाए जाएंगे। दूसरी और कॉलोनी, सोसाइटी और नगर में सीसीटीवी कैमरे का डाटा संभालकर रखा जाएगा। सीसीटीवी कैमरे बिठाने के साथ बैकअप संभालने का काम खर्चिक है। रह एक व्यक्ति यह खर्च नहीं कर पाता है। इसलिए स्मार्ट सिटी कंपनी यह बैकअप संभालकर रखने वाली है। इसके लिए स्मार्ट सिटी कंपनी ने सातपुर एमआयडीसी के ईएसडीएस कंपनी के साथ अनुबंध किया है। साथ ही बीएसएनएल की मदद से डाटा कलेक्ट किया जाएगा।
मंगवाए जाएंगे सोसाइटी सहित संबंधितों से प्रस्ताव
सीसीटीवी कैमेरे बिठाना आसान है। परंतु बैकअप संभालना खर्चिक है। इसलिए स्मार्ट सिटी कंपनी सीसीटीवी फुटेज का बैकअप संभालने वाली है। इसके लिए सोसाइटी या संबंधितों से प्रस्ताव मंगाए जाएंगे। 3 से 6 महीने तक यह बैकअप संभालने की व्यवस्था है। इसके लिए संबंधितों ने फी वसूल की जाएगी। परंतु वसूल की जाने वाली फी बहुत कम होगी।
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फुटेज सेविंग बैंक का उपयोग
सरकारी यंत्रणा हर चौक में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगा सकती। साथ ही पुलिस भी शहर के हर एक परिसर में बंदोबस्त नहीं रख सकती। इसलिए सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए फुटेज सेविंग बैंक का उपयोग किया जाएगा। महानगरपालिका के कूड़े के ब्लैक स्पॉट या नदी स्वच्छता पर भी ध्यान के लिए के लिए इसका उपयोग होगा।
इस प्रकार है लाभ
स्मार्ट सिटी कंपनी को इसके माध्यम से निधि प्राप्त होगा। शहर की सोसाइटी का एक जगह पर डेटा कनेक्शन होगा। शहर के चौक-चौक में होने वाली आपराधिक घटनाओं पर ध्यान देने में मदद होगी। सोसाइटी के बैकअप सेविंग खर्च में कटौती होगी।
[blockquote content=” स्मार्ट सिटी कंपनी, महानगरपालिका या पुलिस प्रशासन आदि यंत्रणा मुख्य सड़क को छोड़कर कौने-कौने में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगा सकती। इसलिए सोसाइटी, कॉलोनी, नगर और निजी जगह पर अपने खर्च से लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरे का बैकअप स्मार्ट सिटी कंपनी संभालने वाली है, जो सभी के लिए फायदेमंद होगा। ” pic=”” name=”- सुमंत मोरे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्मार्ट सिटी कंपनी”]
