नासिक में बजट विश्लेषण: बजट 2026-27 से रक्षा उद्योग को रफ्तार, आत्मनिर्भर भारत मजबूत
Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 को नई ऊर्जा देने वाला बताते हुए अर्थशास्त्री चंद्रशेखर तिलक ने कहा—रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता से भारत वैश्विक शक्ति बनेगा।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Defense Sector: नासिक केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट उद्योग जगत को नई ऊर्जा देने वाला है। रक्षा क्षेत्र के लिए किए गए भारी प्रावधान स्पष्ट करते हैं कि भारत आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है।
यह विचार विख्यात अर्थशास्त्री चंद्रशेखर तिलक ने व्यक्त किए, वे निमा सभागार में आयोजित ‘केंद्रीय बजट 2026-27’ पर आधारित व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। रक्षा क्षेत्र और एमएसएमई का अटूट संबंध तिलक ने बजट का विश्लेषण करते हुए रक्षा क्षेत्र में बढ़ती भारतीय शक्ति पर प्रकाश डाला।
वर्तमान में रक्षा क्षेत्र का 67 प्रतिशत उत्पादन स्वदेशी है, जिसे अगले पांच वर्षों में 75 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि नासिक रक्षा उपकरणों का उत्पादन केंद्र बन सकता है। स्थानीय संगठनों को इस दिशा में सक्रिय होने की सलाह दी गई।
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रणनीतिक जीत और वैश्विक निवेश वैश्विक अस्थिरता के बीच बिना किसी अतिरिक्त कर के बोझ वाला यह बजट एक रणनीतिक जीत माना जा रहा है। तिलक ने उल्लेख किया कि सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक संकेत दिए गए हैं।
बजट के तुरंत बाद अमेरिका के साथ हुआ व्यापार समझौता भारत की ‘नियोजनबद्ध सफलता’ का हिस्सा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्रिप्टोकरेंसी के प्रति भारत का रुख सख्त बना रहेगा, जबकि ‘ब्रिक्स’ करेंसी वैश्विक समीकरणों को बदल देगी।
निमा सभागार में बजट पर हुई ‘वैश्विक’ बहस
स्वदेशी उत्पादन रक्षा क्षेत्र में 75% ‘मेक इन इंडिया’ का लक्ष्य, वित्तीय नवाचारः म्यूनिसिपल बॉन के जरिए स्थानीय निकायों को मजबूती, वैश्विक मुद्रा “ब्रिक्स करेंसी की शुरुआत से डॉलर पर निर्भरता कम करने की दिशा, क्रिप्टो पर रुख राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हित में क्रिप्टोकरेंसी से दूरी।
स्थानीय विकास और कुंभमेले के लिए सुझाव
सत्रह वर्षों के बाद म्युनिसिपल बॉन पर पुनर्चचर्चा की उन्होंने नासिक के लिए सुनहरा अवसर बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि आगामी कुंभ मेले के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए इन बॉन के उपयोग पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
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कार्यक्रम की प्रस्तावना में निमा के अध्यक्ष आशिष नहार ने उद्यमियों के हितों की रक्षा का संकल्प दोहराया, इस अवसर पर आयमा अध्यक्ष राजेंद्र पानसरे सहित शहर के कई गणमान्य उद्यमी उपस्थित रहे।
