सातपुर प्रभाग के नए सभापती समाधान देवरे के सामने समस्याओं का पहाड़, बुनियादी सुविधाओं की किल्लत
Satpur Division Nashik News: नासिक महानगरपालिका के सातपुर प्रभाग समिति के नवनिर्वाचित सभापती समाधान देवरे के सामने पानी की किल्लत जैसी गंभीर समस्याओं को हल करने की बड़ी चुनौती खड़ी है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Satpur division Nashik (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Nashik Municipal Corporation News: नासिक मनपा की सातपुर प्रभाग समिति के सभापती पद पर समाधान देवरे के चुने जाने के बाद अब उनके सामने समस्याओं की एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। क्षेत्रफल के लिहाज से महानगरपालिका को सबसे अधिक राजस्व देने वाले इस प्रभाग में नागरिक समस्याएं उग्र रूप धारण कर चुकी हैं। आगामी सिंहस्थ कुंभमेला को देखते हुए इन विभिन्न कठिनाइयों के पहाड़ को पार करना नवनिर्वाचित सभापती देवरे के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी। वर्तमान में पूरे सातपुर प्रभाग में सड़कों और स्ट्रीट लाइटों की बदहाली के साथ-साथ जाधव संकुल क्षेत्र में लगातार हो रही पानी की किल्लत और दूषित जलापूर्ति की समस्या अत्यंत गंभीर हो गई है।
गर्मी के मौसम के मद्देनजर कई इलाकों में कम दबाव और अपर्याप्त पानी की आपूर्ति होने से नागरिकों में भारी आक्रोश है। स्थानीय जनता की मांग है कि वे सबसे पहले जलापूर्ति विभाग की बैठक लेकर इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालें। इसके अलावा, प्रभाग की जर्जर सड़कें, हमेशा चोक रहने वाली ड्रेनेज लाइनें, जलवाहिनियों से पानी का रिसाव, अशोकनगर मुख्य मार्ग पर रोजाना लगने वाला ट्रैफिक जाम और सातपुर सहित मुख्य बाजारों में बढ़ते अतिक्रमण ने सातपुर का दम घोंट रखा है। प्रशासनिक स्तर पर इन मुद्दों का फॉलोअप लेकर उन्हें हल करना एक बड़ी चुनौती है और कांटों के इस ताज पर बैठे नए सभापती को यह मुख्य कार्य प्राथमिकता से करना होगा।
सातपुर प्रभाग की बदहाल व्यवस्था पर सवाल
मनपा में सभापती पद के लिए नए चेहरों को मौका देने की भाजपा शीर्ष नेतृत्व की नीति के तहत ही समाधान देवरे का चयन हुआ है। अब यह तो समय ही बताएगा कि नवनिर्वाचित सभापती जनता की विभिन्न समस्याओं को सुलझाने और मनमानी करने वाले मनपा अधिकारियों व कर्मचारियों पर अंकुश लगाने में कितने सफल होते हैं। सभापती के रूप में समाधान देवरे से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता से समझें और प्रशासन से विशेष उपाय योजनाएं करवाएं। आगामी सिंहस्थ कुंभमेला के दृष्टिकोण से त्र्यंबक रोड सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है, जो सातपुर प्रभाग के अंतर्गत ही आता है।
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सातपुर में ट्रैफिक जाम
श्रद्धालुओं की भीड़, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं के स्तर को सुधारने के लिए अभी से ही नियोजन को गति देनी होगी। एक जागरूक प्रतिनिधि के रूप में महिलाओं के प्रति सम्मान रखते हुए विभिन्न स्थानों पर सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना आवश्यक है, जो पिछले कई वर्षों से लंबित पड़े हैं। सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ते अतिक्रमण के मुद्दे को स्थायी रूप से हल करना बेहद जरूरी हो गया है। मनपा के अतिक्रमण विभाग के कथित वरदहस्त के चलते सातपुर प्रभाग की सड़कों पर अवैध रूप से बैठने वाले वेंडर, हाथगाड़ी वाले, फल और नारियल विक्रेता हर तरफ ट्रैफिक जाम का कारण बन रहे हैं।
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दूषित पानी और अतिक्रमण से जनता परेशान
सातपुर, अशोकनगर, श्रमिकनगर, शिवाजीनगर और औद्योगिक क्षेत्र (एमआईडीसी) लगातार बढ़ते अतिक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, जिससे नागरिकों का पैदल चलना भी दूषित हो गया है। नवनिर्वाचित सभापती को केवल कागजी कार्रवाई करने के बजाय तत्कालीन कुशल विभागीय अधिकारी नितिन नेर जैसे अधिकारियों को साथ लेकर सीधे सड़कों पर उतरना चाहिए और अतिक्रमण विरोधी मुहिम चलाकर नागरिकों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलानी चाहिए। इसके साथ ही अशोकनगर सब्जी मंडी में पुरुष व महिला विक्रेताओं और ग्राहकों के लिए सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जाना भी अनिवार्य है।
