साढ़े तीन शक्तिपीठों में से एक ‘सप्तश्रृंगी गढ़’ में बड़ी चोरी; मंदिर से 22 किलो चांदी गायब, प्रशासन में हड़कंप
Saptashrungi Temple Silver Theft Nashik: नासिक के सप्तश्रृंगी मंदिर से 22 किलो चांदी गायब। कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश। मंदिर प्रबंधन में मची खलबली।
- Written By: अनिल सिंह
Saptashrungi Gad Nashik Silver Theft Case (फोटो क्रेडिट-X)
Saptashrungi Gad Nashik Silver Theft Case: महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित साढ़े तीन शक्तिपीठों में से एक, सुप्रसिद्ध सप्तश्रृंगी गढ़ से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। श्री सप्तश्रृंगी निवासिनी देवी ट्रस्ट के प्रबंधन के तहत मंदिर के सौंदर्यीकरण और नक्काशी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चांदी में लगभग 22 किलो की बड़ी गड़बड़ी पाई गई है।
करोड़ों रुपये की चांदी गायब होने की इस खबर ने न केवल भक्तों को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि मंदिर प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।सप्तश्रृंगी मंदिर में पिछले कुछ समय से नक्काशी और नवीनीकरण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान स्टॉक और इस्तेमाल की गई चांदी का ऑडिट किया गया, जिसमें 22 किलो चांदी कम पाई गई। शुरूआती जांच में इसे महज तकनीकी गड़बड़ी माना जा रहा था, लेकिन गहराई से पड़ताल करने पर चांदी की चोरी या बड़े स्तर पर हेराफेरी की संभावना प्रबल हो गई है।
प्रशासन सख्त: उच्च स्तरीय जांच के आदेश
इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नासिक के संभागीय आयुक्त कार्यालय और जिला कलेक्टर कार्यालय ने तुरंत संज्ञान लिया है। गढ़ के प्रबंधन में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, इसकी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। कलेक्टर कार्यालय ने एक विशेष टीम गठित कर चांदी के स्टॉक रजिस्टर, नक्काशी के दौरान हुए वजन और मंदिर के सुरक्षा फुटेज की जांच के आदेश दिए हैं।
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ट्रस्ट के प्रबंधन पर सवाल
श्री सप्तश्रृंगी निवासिनी देवी ट्रस्ट राज्य के सबसे धनी और प्रतिष्ठित ट्रस्टों में से एक है। इतनी बड़ी मात्रा में चांदी गायब होना किसी आंतरिक मिलीभगत की ओर भी इशारा कर रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने मांग की है कि इस घोटाले के पीछे जो भी लोग शामिल हैं, उनके खिलाफ सख्त फौजदारी मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट
जांच एजेंसियों का एक दल जल्द ही सप्तश्रृंगी गढ़ का दौरा करेगा। मंदिर परिसर में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और चांदी जैसी कीमती धातु के रखरखाव के लिए कौन जिम्मेदार था, इसकी सूची तैयार की जा रही है। गौरतलब है कि नासिक जिले के इस पवित्र मंदिर में देश भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में मंदिर की संपत्ति में सेंध लगना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
