

Nashik Collector Office Ayush Prasad: सफाई कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय में उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय की निगरानी समिति के सदस्य और उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवती प्रसाद मकवाना ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक को संबोधित करते हुए भगवती प्रसाद मकवाना ने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज का आधार स्तंभ हैं, जिनके स्वास्थ्य और सम्मान की रक्षा करना सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए- सभी सफाई कर्मचारियों को कानूनी रूप से निर्धारित न्यूनतम वेतन
मिलना चाहिए, साथ ही, लाड-पागे समिति की सिफारिशों को पूर्णतः लागू कर कर्मचारियों को उनका लाभ सुनिश्चित किया जाए।
प्रत्येक कर्मचारी और उनके परिवार को आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क चिकित्सा सुविधा मिले, इसके लिए विशेष अभियान चलाकर उन्हें आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराए जाएं। काम के दौरान होने वाले खतरों को देखते हुए कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा बीमा और आधुनिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
न्यायसंगत वेतनः न्यूनतम वेतन अधिनियम का कड़ाई से पालन लाड-पागे समितिः समिति की सिफारिशों का लाभ हर कर्मचारी तक पहुंचे। पुनर्वासः पुनर्वास अधिनियम के तहत कामगारों को नई दिशा और आर्थिक सहयोग।
हाथों से मैला उठाने की प्रथा को पूरी तरह प्रतिबंधित करते हुए, इस कार्य में लगे कामगारों के लिए पुनर्वास अधिनियम को कड़ाई से लागू किया जाए। जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मनपा और नगर पालिकाओं के माध्यम से चलाई जा रही योजनाओं की गहन समीक्षा की जाए, उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति का सटीक आंकलन करने के लिए जल्द ही एक नया सर्वेक्षण अभियान शुरू किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, महात्मा फुले आर्थिक विकास नहामंडल के माध्यम से सफाई कर्मचारियों के उत्थान और उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने वाली योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जाएगा। बैठक में मनपा के अतिरिक्त आयुक्त अमित रंजन, समाज कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त देवीदास नांदगावकर सहित सफाई कर्मचारी संगठनों के कई पदाधिकारी उपस्थित थे।