

Ayushman Bharat Card Registration: आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा महात्मा फुले जनआरोग्य योजना के तहत लाभार्थियों के लिए को-ब्रांडेड ई-कार्ड निर्माण अभियान जारी है। राज्य में अब तक केवल 42 प्रतिशत आयुष्मान कार्ड ही बनाए जा सके हैं। 8 जून 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य के 9 करोड़ 73 लाख 90 हजार 47 पात्र लाभार्थियों में से 4 करोड़ 5 लाख 63 हजार 30 लोगों के को-ब्रांडेड कार्ड तैयार किए गए हैं।
मुख्यमंत्री वॉर रूम की समीक्षा बैठक के बाद राज्य स्वास्थ्य गारंटी सोसायटी ने सभी जिला प्रशासनों को आयुष्मान कार्ड तथा वय वंदना कार्ड निर्माण अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कुछ जिलों ने 50 प्रतिशत से अधिक प्रगति दर्ज की है, जबकि कई जिलों में बड़ी संख्या में पात्र नागरिक अब भी -कार्ड से वंचित हैं।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत प्रत्येक परिवार को उपचार के लिए 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की प्रधानमंत्री जन स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत प्रत्येक परिवार को उपचार के लिए 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की निःशुल्क उपचार का लाभ उठा सकते हैं। इसी कारण बड़ी संख्या में नागरिक आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आगे आ रहे हैं।
लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आयुष्मान कार्ड तथा महात्मा फुले जनआरोग्य योजना के लाभ हेतु राज्यभर में को-ब्रांडेड कार्ड वितरित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री वॉर रूम ने आयुष्मान कार्ड निर्माण के लिए तीन माह तथा वय वंदना कार्ड निर्माण के लिए एक माह का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत सभी जिलाधिकारियों, आयुक्तों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य स्वास्थ्य गारंटी सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशुतोष सालुंखे ने जारी निर्देशों में कहा है कि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय स्वराज संस्थाएं समन्वय के साथ कार्य कर शेष लाभार्थियों के कार्ड निर्माण का कार्य शत-प्रतिशत पूरा करें। सरकार ने सभी जिलों को अभियान तेज कर आयुष्मान कार्ड शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
आयुष्मान कार्ड और वय वंदना कार्ड निर्माण अभियान को गति देने के लिए राज्यभर के 84,312 आशा कार्यकर्ताओं, सीएससी केंद्रों तथा राशन दुकानदारों के लॉगिन पुनः सक्रिय किए गए हैं। प्रत्येक लॉगिन से प्रतिदिन कम से कम 25 ई-केवाईसी पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया है। यदि लगातार सात दिनों तक एक भी ई-केवाईसी नहीं की जाती है, तो संबंधित लॉगिन बंद कर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
| जिला | पंजीकरण प्रतिशत (%) | स्थिति |
| सिंधुदुर्ग | 65% | सर्वाधिक (राज्य में नंबर 1) |
| गडचिरोली | 60% | उत्कृष्ट प्रदर्शन |
| भंडारा | 58% | बेहतर प्रदर्शन |
| गोंदिया | 58% | बेहतर प्रदर्शन |
| मुंबई शहर | 32% | औसत से कम |
| ठाणे | 25% | अत्यंत धीमी गति |
| मुंबई उपनगर | 18% | सबसे कम (राज्य में अंतिम) |
e-KYC के लिए आवश्यक दस्तावेज:
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन स्वास्थ्य योजना तथा महात्मा फुले जनस्वास्थ्य योजना के तहत यवतमाल जिले में ई-कार्ड निर्माण को अच्छा प्रतिसाद मिला है, जिले के 24 लाख 34 हजार 670 लाभार्थियों में से 12 लाख 35 हजार 90 लोगों के को-ब्रांडेड ई-कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। जिले में कार्ड निर्माण कर प्रतिशत 51 तक पहुंच गया है, जो राज्य की 42 प्रतिशत औसत प्रगति से 9 प्रतिशत अधिक है। इस उपलब्धि के साथ यवत्तमाल राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है।