डेढ़ महीने बाद रूपाली चाकणकर की ‘सियासी’ वापसी: अशोक खरात विवाद के बीच नासिक में कार्यकर्ताओं संग की बैठक
Rupali Chakankar Active Again: अशोक खरात विवाद के बाद रूपाली चाकणकर राजनीति में फिर सक्रिय। नासिक में की बैठक, खुद को बेकसूर बताते हुए फेसबुक पर दी सफाई।
- Written By: अनिल सिंह
रुपाली चाकणकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Rupali Chakankar Nashik Meeting: नासिक के बहुचर्चित ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले में अपना पद गंवाने वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की नेता रूपाली चाकणकर एक बार फिर सक्रिय हो गई हैं। खरात के साथ वीडियो और तस्वीरें वायरल होने के बाद उन्हें राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद और एनसीपी महिला प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा था। करीब डेढ़ महीने की गुमनामी के बाद, चाकणकर ने मंगलवार (28 अप्रैल) को नासिक के नंदुर में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक अहम बैठक की, जिसकी तस्वीरें उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर साझा की हैं।
चाकणकर ने इन तस्वीरों के साथ कैप्शन में ‘गोतवाल’ (परिवार/करीबी घेरा) लिखा है, जो संकेत देता है कि वह अपने वफादार समर्थकों के साथ दोबारा अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।
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फेसबुक पोस्ट के जरिए साजिश का आरोप
रूपाली चाकणकर ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को मिलने वाली कथित धमकियों और खुद पर लग रहे आरोपों को ‘मनगढ़ंत’ करार दिया है। चाकणकर ने सवाल उठाया कि एक गुमनाम पत्र, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है, वह मीडिया तक कैसे पहुँचा और किसके कहने पर उन्हें बदनाम करने की साजिश रची गई।
बीड के पुलिस अधीक्षक नवनीत कौट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जिस पत्र पर नाम-पता न हो, उसका कोई महत्व नहीं होता। चाकणकर ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को केवल अटकलों और ‘मीठी कहानियों’ के आधार पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
एसआईटी (SIT) की जांच पर जताया भरोसा
अशोक खरात मामले में वित्तीय लेनदेन या जमीन सौदों में अपनी संलिप्तता से पूरी तरह इनकार करते हुए चाकणकर ने कहा, “मैं पहले दिन से अपने रुख पर कायम हूँ। जांच एजेंसी को निष्पक्ष काम करने देने के लिए मैं अब तक शांत थी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मुझ पर लगाए गए आरोप सच हैं।”
इस्तीफा और सियासी वापसी अशोक खरात को राज्य के कई बड़े नेताओं का ‘आध्यात्मिक गुरु’ बताया जाता रहा है, लेकिन चाकणकर के इस्तीफे और अब उनकी इस सक्रियता ने नासिक और महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि एसआईटी की जांच में आने वाले दिनों में और कौन से बड़े नाम सामने आते हैं।
