उद्धव ठाकरे इतने बड़े नेता नहीं कि चुनाव निर्विरोध हो; निरुपम का तीखा हमला, MLC चुनाव में बड़े उलटफेर के संकेत

Maharashtra MLC Election 2026: संजय निरुपम ने विधान परिषद चुनाव में 10वें उम्मीदवार के संकेत दिए। उद्धव ठाकरे की उम्मीदवारी पर MVA में सस्पेंस जारी।
Eknath Shinde Uddhav Thackeray
एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे (फोटो क्रेडिट-X)
Published on
Updated on

Sanjay Nirupam Shiv Sena Statement: महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने राज्य की राजनीति में 'हाई वोल्टेज ड्रामा' पैदा कर दिया है। नामांकन दाखिल करने के लिए अब केवल दो दिन शेष हैं, लेकिन महायुति और महाविकास अघाड़ी (MVA) दोनों ही खेमों में उम्मीदवारों के नामों को लेकर सस्पेंस बरकरार है। इसी बीच, एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने 'दसवें उम्मीदवार' को मैदान में उतारने का संकेत देकर विपक्षी खेमे में हलचल मचा दी है।

निरुपम का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उद्धव ठाकरे की विधान परिषद सीट खाली हो रही है और कांग्रेस व शरद पवार की राकांपा उन पर दोबारा चुनाव लड़ने का दबाव बना रही है। निरुपम ने स्पष्ट किया कि शिंदे गुट के पास दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल है, लेकिन कई निर्दलीय और छोटी पार्टियों के विधायक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। इसी 'अतिरिक्त' संख्या बल के आधार पर शिवसेना दसवां उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है।

उद्धव ठाकरे पर निरुपम का कड़ा प्रहार

संजय निरुपम ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की आलोचना करते हुए उनकी तुलना शरद पवार से की। उन्होंने कहा, "शरद पवार एक वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं, उनके सम्मान में निर्विरोध चुनाव की बात समझ आती है, लेकिन उद्धव ठाकरे इतने बड़े नेता नहीं हैं कि उनके लिए पूरी प्रक्रिया निर्विरोध कर दी जाए।" निरुपम के इस बयान ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग को और तेज कर दिया है।

MVA में खींचतान और दबाव की राजनीति

दूसरी ओर, महाविकास अघाड़ी के भीतर भी स्थिति सहज नहीं है। उद्धव ठाकरे स्वयं चुनाव लड़ने को लेकर अनिश्चित दिख रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने ठाकरे से मुलाकात कर उनसे चुनाव लड़ने का अनुरोध किया है। कांग्रेस का तर्क है कि यदि ठाकरे चुनाव नहीं लड़ते हैं, तो वह सीट कांग्रेस के खाते में जानी चाहिए। सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया है कि शरद पवार की पार्टी ठाकरे के नाम का पूर्ण समर्थन करती है, लेकिन कांग्रेस की दावेदारी ने गठबंधन के भीतर पेच फंसा दिया है।

अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या एकनाथ शिंदे वाकई दसवां उम्मीदवार उतारकर MVA के गणित को बिगाड़ेंगे? यदि ऐसा होता है, तो क्रॉस-वोटिंग की संभावनाओं के बीच यह चुनाव बेहद दिलचस्प और अनिश्चित मोड़ पर पहुँच जाएगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com