Rupali Chakankar Ashok Kharat Case
Ashok Kharat Case: अशोक खरात केस में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिसने महाराष्ट्र की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। नासिक के कुख्यात जालसाज अशोक खरात के खिलाफ चल रही एसआईटी (SIT) और एटीएस (ATS) की जांच में अब तक का सबसे बड़ा अपडेट सामने आया है। ताजा जानकारी के अनुसार, खरात केवल Rupali Chakankar का परिचित ही नहीं था, बल्कि वह उनके परिवार के वित्तीय मामलों में भी गहराई से जुड़ा हुआ था। सूत्रों का दावा है कि राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर की बहन के बैंक खाते में अशोक खरात को ‘नॉमिनी’ बनाया गया है।
इस जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि अशोक खरात ने सैकड़ों बेनामी बैंक खाते खोल रखे थे। खरात ने कथित तौर पर कई लोगों के आधार और पैन कार्ड चुराकर अलग-अलग ऋण संस्थानों (Credit Societies) में खाते खुलवाए और उन सभी में खुद को नॉमिनी के तौर पर दर्ज किया। चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी बैंक खातों से खरात का ही मोबाइल नंबर लिंक था, जिससे वह अकेले ही इन खातों का संचालन कर रहा था।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि अशोक खरात ने इन बैंक खातों के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध वित्तीय लेनदेन किया है। मनी लॉन्डरिंग मामले के तहत एसआईटी ने दो प्रमुख क्रेडिट सोसायटियों के अध्यक्षों और प्रबंधकों को समन भेजकर कड़ी पूछताछ की है। खरात के इस विशाल ‘कैश नेटवर्क’ में Rupali Chakankar की बहन के नाम पर खुले खाते की मौजूदगी ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
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शुरुआत में अशोक खरात और Rupali Chakankar की कुछ निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं, जिसके बाद विपक्ष ने चाकणकर पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। बढ़ते राजनीतिक दबाव और नैतिक जिम्मेदारी को देखते हुए चाकणकर ने हाल ही में राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, अशोक खैरात मामले में अब ‘नॉमिनी’ वाला एंगल सामने आने के बाद उनकी मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ती दिख रही हैं।
अशोक खरात पर पहले से ही महिलाओं के यौन उत्पीड़न और धोखाधड़ी के 11 से अधिक मामले दर्ज हैं। एसआईटी अब इस बात की जांच कर रही है कि खरात ने चाकणकर परिवार के नाम का इस्तेमाल कर कितने लोगों को ठगा है और इस घोटाले की जड़ें कहाँ तक फैली हैं। अशोक खरात की इस जांच में आने वाले दिनों में कुछ और प्रभावशाली नामों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल खरात पुलिस की कड़ी हिरासत में है और उसके डिजिटल रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है।