नासिक बाजार समिति होगी बर्खास्त, मंत्री रावल के संकेत, आय में 7 करोड़ रुपये की भारी गिरावट

Agricultural Market Committee: नासिक कृषि उत्पन्न बाजार समिति की आय में 7 करोड़ रुपये की गिरावट और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद मंत्री जयकुमार रावल ने समिति को बर्खास्त कर प्रशासक नियुक्त करने के संकेत
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Agricultural Market Committee:नासिक कृषि उत्पन्न बाजार समिति (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nashik Market Committee: नासिक कृषि उत्पन्न बाजार समिति की चालू वित्त वर्ष की आय में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग सात करोड़ रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई है। किसानों और व्यापारियों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने नासिक दौरे के दौरान औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों के साथ हुई बैठक में बाजार समिति को बर्खास्त करने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही वर्तमान समिति को भंग कर वहां प्रशासक की नियुक्ति की जाएगी।

पिछले वर्ष नासिकक बाजार समिति में सत्ता परिवर्तन हुआ था और कल्पना चुंबले बहुमत से अध्यक्ष चुनी गई थीं। हालांकि, उनके कार्यकाल के पहले दिन से ही पूर्व सांसद एवं पूर्व सभापति देवीदास पिंगले ने समिति पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। एक वर्ष के भीतर ही समिति की वार्षिक आय 25 करोड़ रुपये से घटकर 18 करोड़ रुपये रह गई है।

भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद जल्द नियुक्त होगा प्रशासक

कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री जयकुमार रावल ने इस स्थिति पर नाराजगी जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महानगरपालिका चुनाव की गहमागहमी समाप्त होते ही समिति को बर्खास्त करने का निर्णय आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया जाएगा।

प्रतिक्रिया

पूर्व सभापति देवीदास पिंगले ने कहा कि “बाजार समिति के इतिहास में पहली बार आय में इतनी बड़ी गिरावट आई है। समिति भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है। किसानों और व्यापारियों के साथ मैंने भी सरकार से लगातार कार्रवाई की मांग की थी। अब हमारी मेहनत रंग लाई है और जल्द ही प्रशासक की नियुक्ति होगी, जिससे समिति की गरिमा फिर बहाल होगी।”

अवैध वसूली बंद करने की मांग

बैठक के दौरान नासिक अनाज किराना थोक व्यापारी संगठन ने पिछले 15 वर्षों से लंबित बाजार समिति से जुड़े मुद्दों की ओर मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। संगठन ने मांग की कि 20 जनवरी के बाद बाजार समिति परिसर के बाहर जाने वाले अनाज से भरे ट्रकों को नाकों पर न रोका जाए और ‘सुलेमानी सेस’ के नाम पर की जा रही अवैध वसूली को तत्काल बंद किया जाए। 

व्यापारी एसोसिएशन प्रफुल्ल संचेती, अध्यक्ष ने कहा कि इस पर मंत्री जयकुमार रावल ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि इतनी अधिक वसूली के बावजूद बाजार समिति घाटे में कैसे जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद समिति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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