कृषि निर्यात पर केंद्र का यू-टर्न: दर कटौती रद्द, RoDTEP दरों में कटौती से कृषि उत्पादों को मिली राहत
Lasalgaon Onion Prices: केंद्र सरकार ने RoDTEP दरों में कटौती का फैसला 24 घंटे में वापस लेते हुए कृषि और खाद्य उत्पादों को राहत दी, जिससे निर्यातकों को बड़ा फायदा मिला है।
- Written By: आंचल लोखंडे
DGFT notification (सोर्सः सोशल मीडिया)
Agriculture Export Relief: निर्यात क्षेत्र में खलबली मचाने वाले RoDTEP (निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट) दरों में कटौती के फैसले पर केंद्र सरकार ने महज 24 घंटे के भीतर संशोधन कर कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत दी है। सोमवार को जारी अधिसूचना में RoDTEP दर को 1.95 प्रतिशत से घटाकर 0.95 प्रतिशत कर दिया गया था। इस निर्णय का देशभर में कड़ा विरोध होने के बाद मंगलवार को नई संशोधित अधिसूचना जारी कर कृषि एवं खाद्य उत्पादों को इस कटौती से बाहर कर दिया गया है।
DGFT ने जारी किया संशोधित आदेश
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT), जो भारत सरकार का वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत है, द्वारा जारी नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ITC HS अध्याय 1 से 24 के तहत आने वाले उत्पादों पर कम की गई दरें लागू नहीं होंगी। इन अध्यायों में मुख्य रूप से प्याज, अनाज, फल, सब्जियां, चीनी और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ जैसे लगभग सभी प्रमुख कृषि उत्पाद शामिल हैं।
लासलगांव मंडी में दिखा असर
लासलगांव मंडी में सोमवार के निर्णय का असर तुरंत दिखाई दिया। प्याज के औसत भाव में करीब 100 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। निर्यातकों ने चिंता जताई थी कि प्रोत्साहन दरों में 50 प्रतिशत की कटौती से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता कम हो जाएगी और निर्यात खर्च बढ़ जाएगा।
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चौतरफा दबाव के आगे झुकी सरकार
कृषि निर्यातकों, व्यापारिक संगठनों और विभिन्न राज्यों की कृषि उपज मंडी समितियों (APMC) की तीव्र प्रतिक्रिया के बाद केंद्र सरकार को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। इस संशोधन के बाद अब प्याज, चीनी और अन्य कृषि माल के निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय उत्पादों की पकड़ मजबूत बनी रहने की उम्मीद है।
