अब भारत में भी बच्चे नहीं चला पाएंगे सोशल मीडिया! सरकार लगाने वाली है बैन, अश्विनी वैष्णव ने दिया बड़ा बयान

Ashwini Vaishnaw AI Summit: अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत अगले दो वर्षों में AI में 200 बिलियन डॉलर से अधिक निवेश और बच्चों के लिए सुरक्षित कंटेंट सुनिश्चित करने की तैयारी कर रहा है।
Ashwini Vaishnaw in AI Summit
केंद्रीय आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव (सोर्स- सोशल मीडिया)
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India AI Impact Summit 2026: केंद्रीय आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने AI इंपैक्ट समिट में कहा कि भारत अगले दो वर्षों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में 200 बिलियन डॉलर से अधिक निवेश की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर उम्र के आधार पर कंटेंट वितरण और डीपफेक से जुड़े रेगुलेशन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। साथ ही, उन्होंने कहा कि सरकार अब AI को UPI जैसे देशव्यापी प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में सोच रही है।

वैष्णव ने समिट के पहले दिन हुई अव्यवस्था के लिए माफी मांगी और कहा कि अगर किसी को कोई शिकायत है, तो वे आगे आकर रिपोर्ट कर सकते हैं। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता भी जताई। उनके अनुसार, कई देशों ने यह मान लिया है कि उम्र आधारित कंटेंट और एक्सेस कंट्रोल जरूरी हैं। भारत में भी डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट में बच्चों के लिए उम्र आधारित कैटेगरी बनाई गई है, जो यह तय करती है कि कौन सा कंटेंट बच्चों की पहुंच में होना चाहिए और कौन सा नहीं।

उम्र आधारित कंटेंट नियंत्रण

मंत्री ने AI इंपैक्ट समिट में संकेत दिए कि सरकार आने वाले समय में डीपफेक और सोशल मीडिया पर उम्र आधारित कंटेंट नियंत्रण के लिए कड़े नियम ला सकती है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री के साथ सरकार इस दिशा में बातचीत कर रही है और संसदीय समिति ने भी इस विषय पर अध्ययन कर सुझाव दिए हैं। वैष्णव ने स्पष्ट किया कि Netflix, Meta और X जैसी कंपनियों को भारत के कानूनी ढांचे और संविधान के दायरे में काम करना होगा।

AI पांचवी औद्योगिक क्रांति

AI के नकारात्मक प्रभावों से निपटने के लिए टेक्नो-लीगल दृष्टिकोण को जरूरी बताया गया। मंत्री ने कहा कि AI सेफ्टी इंस्टिट्यूट के माध्यम से ऐसे समाधान विकसित किए जा रहे हैं जो AI के नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकें। उन्होंने AI को पांचवीं औद्योगिक क्रांति बताया और कहा कि इसके प्रभाव से स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर शिक्षा तक सब किफायती और अधिक सुलभ हो जाएगा।

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अगले दो वर्षों में 200 बिलियन डॉलर निवेश AI के पांच स्तरों इन्फ्रास्ट्रक्चर, एप्लिकेशन, प्लेटफॉर्म, फंडिंग और डेवलपमेंट में आएगा। डीपटेक सेक्टर के लिए फंडिंग के साथ-साथ बड़े सॉल्यूशन्स और एप्लीकेशन्स के लिए भी निवेश की प्रतिबद्धता देखने को मिल रही है। इस निवेश से भारत AI को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने और इसके सकारात्मक प्रभाव को अधिकतम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।  

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