
गिरीश महाजन (फाइल फोटो)
नासिक: लोकसभा चुनाव में बीजेपी की हार के बाद विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के कई नेताओं ने बीजेपी का साथ छोड़ दिया था, कुछ ने निर्दलीय चुनाव लड़ा तो कुछ ने विपक्ष का हाथ थामकर चुनाव लड़ा। लेकिन सभी को नतीजे आने के बाद मुंह की खानी पड़ी।
विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र, जिन भाज नेताओं ने पार्टी छोड़कर महायुति के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ा था, उन्हें मनपा चुनावों की पृष्ठभूमि में फिर से पार्टी में आसानी से प्रवेश नहीं मिलेगा, यह बात स्पष्ट हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री गिरीश महाजन ने इस बारे में संकेत दिए है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के बागी नेताओं गणेश गिते, दिनकर पाटील और केदा आहेर ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ा था। इनमें से गिते और पाटील ने विरोधी दल में शामिल होकर चुनाव लड़ा, जबकि आहेर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में थे लेकिन इनमें से किसी को भी जीत नहीं मिली।
अब आगामी मनपा चुनावों के मद्देनज़र, ये बागी नेता पार्टी में वापस आने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन भाजपा के विधायकों ने उनका विरोध किया है। इस संदर्भ में, महाजन ने संकेत दिया है कि बागी नेताओं के बारे में अकेले निर्णय नहीं लिया जाएगा। स्थानीय विधायक और पदाधिकारियों को विश्वास में लेकर ही निर्णय लिया जाएगा।
जिन बागी नेताओं ने हमारे खिलाफ चुनाव लड़ा, जिन्होंने हमारे साथ बगावत और विवाद किया उन्हें भाजपा में आसानी से प्रवेश नहीं मिलेगा। महाजन ने कहा है कि ऐसे लोगों को यह नहीं लगता कि वे हमारे खिलाफ लड़े, और फिर कपड़े झटककर वापस आ गए।
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महाराष्ट्र में महायुति की प्रचंड जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी के कई बागी नेताओं के पसीने छूट गए है। बता दें कि हाल ही में संजय काका पाटिल भी पार्टी में वापस शामिल होने के लिए चंद्रशेखर बावनकुले से मिलने और बात करने के मौके ढूंढ रहे है।






