Nashik Savarkar Defamation Case ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Savarkar Defamation Case: नासिक सांसद राहुल गांधी के विरुद्ध नासिक की अदालत में चल रहे विनायक दामोदर सावरकर मानहानि मामले का पटाक्षेप हो गया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में इस मामले की अंतिम सुनवाई के बाद पूरी कार्रवाई को आधिकारिक तौर पर समाप्त कर दिया गया है।
इस मामले की शुरुआत अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा प्रक्रिया जारी करने के आदेश से हुई थी। राहुल गांधी के वकीलों ने इस आदेश को नासिक सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी।
सत्र न्यायालय ने सुनवाई के बाद निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया और मजिस्ट्रेट को मामले पर नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया। दोबारा विचार-विमर्श के दौरान सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन ने धारा 202 के तहत अपनी जांच रिपोर्ट अदालत को सौंपी।
इस रिपोर्ट के आते ही शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत वापस लेने का फैसला किया। वरिष्ठ वकील जयंत जायभावे के नेतृत्व में वकीलों की एक बड़ी टीम ने राहुल गांधी का पक्ष रखा।
जायभावे ने स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई ठोस तथ्य नहीं थे। बचाव पक्ष के अनुसार, सत्र न्यायालय के फैसले और पुलिस जांच में आरोपों की सत्यता साबित नहीं हुई, शिकायतकर्ता ने संभवतः कानूनी आधार की कमजोरी को भांपते हुए खुद ही आवेदन वापस ले लिया।
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मजिस्ट्रेट नरवाडिया ने याचिका वापसी के आधार पर मामले को क्लोज (Close) कर दिया है।
मामलाः सावरकर मानहानि प्रकरण।
अदालतः अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नासिक।
मुख्य वकीलः एड.जयंत जायभावे और उनकी टीम।
निर्णयः शिकायतकर्ता द्वारा याचिका वापस लेने पर मामला समाप्त।
कानूनी आधारः सीआरपीसी की धारा 202 के तहत पुलिस रिपोर्ट।