नागपुर विश्वविद्यालय की अनोखी पहल, किसानों के लिए विकसित ‘फ्रूट वेंडर मशीन’, अब खेतों के फल सीधे बाजार तक
Nagpur University Research: नागपुर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने किसानों के लिए अभिनव फ्रूट वेंडर मशीन विकसित की है, जिससे फल सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचेंगे और किसानों को बाजार का नया विकल्प मिलेगा।
- Written By: अंकिता पटेल
फ्रूट वेंडर मशीन,(सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Fruit Vending Machine Innovation: नागपुर राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के भौतिकशाख विभाग प्रमुख डॉ. संजय डोबले तथा उनके शोध छात्र आदित्य तेज सिंह जगदाले ने किसानों के लिए एक अभिनव ‘फ्रूट वेंडर मशीन’ विकसित की है जिससे खेतों के फलों को सीधे बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
इस शोध को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से डिजाइन रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र भी प्राप्त हुआ है। अब तक वेंडर मशीन का उपयोग मुख्यतः ठंडे पेय और पानी की विक्री के लिए होता था लेकिन इस नई तकनीक के माध्यम से किसान अपने फलों जैसे संतरा, मौसंबी, सेब आदि को सीधे सार्वजनिक स्थानों पर बेच सकेंगे।
यह मशीन बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, अस्पताल, कैंटीन और मॉल जैसे स्थानों पर स्थापित की जा सकती है। इस मशीन की खासियत यह है कि इसमें 3 से 4 अलग-अलग खंड (कंपार्टमेंट) बनाए गए हैं जिनमें विभिन्न प्रकार के फल रखे जा सकते हैं।
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मशीन में फलों को लगभग 18 डिग्री सेल्सियस तापमान पर सुरक्षित रखा जाएगा जिससे वे लंबे समय तक ताजे रहेंगे। ग्राहक नकद या क्यूआर कोड के माध्यम से आसानी से फल खरीद सकेंगे।
8 से 10 घंटे तक होगी मशीन की क्षमता
शोधकर्ताओं के अनुसार एक बार मशीन में फल भरने के बाद 8 से 10 घंटे तक उसे पुनः भरने की आवश्यकता नहीं होगी जिससे किसानों का समय बचेगा और उन्हें सोत का काम छोड़कर बाजार जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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इससे फलों की बर्बादी भी कम होगी और किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सकेगा। डॉ. ढोबले ने बताया कि यह मशीन न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी बल्कि युवाओं और आम लोगों को ठंडे पेयों के बजाय ताजे फलों की ओर आकर्षित कर उनके स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएगी।
