
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया )
Savitribai Phule Pune University News: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुरूप सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय ने एक ऐतिहासिक और अभिनव निर्णय लिया है। आगामी नासिक कुंभमेले में स्वयंसेवक के रूप में सेवा देने वाले छात्रों को उनके शैक्षणिक पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में दो अकादमिक क्रेडिट प्रदान किए जाएंगे। विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे पुणे विश्वविद्यालय कुंभमेले को अकादमिक क्रेडिट बैंक से जोड़ने वाला देश का संभवतः पहला विश्वविद्यालय बन गया है।
सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय प्रबंधन परिषद के सदस्य सागर वैद्य ने मई 2025 में इस पहल की मांग उठाई थी। पिछले एक वर्ष से लगातार प्रयासों के बाद इसे औपचारिक मंजूरी मिली। नाशिक में वर्ष 2026-27 के दौरान आयोजित होने वाला कुंभमेला एक भव्य राष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें छात्रों की भागीदारी को शैक्षणिक मान्यता देना इस निर्णय का प्रमुख उद्देश्य है।
कुलपति डॉ. सुरेश गोसावी और प्र.कुलपति डॉ. पराग कालकर के मार्गदर्शन में लिए गए इस फैसले से प्रशासन को आवश्यक जनशक्ति मिलेगी, वहीं छात्रों को नागरिक अनुशासन, आपदा प्रबंधन और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे न केवल NEP के उद्देश्यों की पूर्ति होगी, बल्कि छात्रों की भारतीय ज्ञान परंपरा की समझ भी सुदृढ़ होगी। कुंभमेले के दौरान छात्र यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, सीसीटीवी निगरानी, आईटी सहायता, एनसीसी, एनएसएस, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में योगदान देंगे।
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वर्ष 2019 में NEP लागू होने के बाद देश के कई राज्यों में कुंभमेले आयोजित हुए, लेकिन शैक्षणिक क्रेडिट से जोड़ने का यह प्रयोग पहली बार हो रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य मंत्रियों के मार्गदर्शन में नासिक कुंभमेले को शिक्षा-रोजगार-संस्कार की त्रिसूत्री पर आधारित करने की योजना है। इस पहल से सामाजिक सेवा को एक नई शैक्षणिक पहचान मिलने की उम्मीद है।






