नासिक निफाड में बाढ़ का तांडव, हजारों हेक्टेयर फसलें जलमग्न; संकट में घिरे तटीय इलाकों के किसान
Nashik Flood Sugarcane Farmers गोदावरी नदी की बाढ़ और बांध से छोड़े गए पानी ने निफाड में 1,500 से 2,000 हेक्टेयर गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया। किसानों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
- Written By: अंकिता पटेल
नासिक बाढ़, निफाड किसान, प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: एआई फोटो )
Nashik Niphad Farmers: नासिक मानसून की पहली मूसलाधार बारिश और गोदावरी नदी में आई बाढ़ ने निफाड तहसील के किसानों की कमर तोड़ दी है। नांदूरमध्यमेश्वर बांध से 55 हजार क्यूसेक की गति से छोड़े गए पानी ने तटीय इलाकों के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया है। इस बाढ़ के कारण लगभग 1,500 से 2,000 हेक्टेयर गन्ने की खेती बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे स्थानीय किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
फसल और जमीन को भारी नुकसान
बाढ़ का पानी खेतों में लंबे समय तक जमा रहने से मिट्टी की उर्वरता पर गहरा प्रभाव पड़ा है- पानी जमा रहने से मिट्टी में लवणता बढ़ रही है, जिससे उपजाऊ जमीन के बंजर होने का खतरा पैदा हो गया है।
जमीन की गुणवत्ता बिगड़ने और गन्ने की स्थिति खराब होने के कारण चीनी मिलें अब इन्हें खरीदने से कतरा रही हैं। गन्ने के अलावा सोयाबीन और मक्का जैसी प्रमुख खरीफ फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।
सम्बंधित ख़बरें
जयंत पाटिल के NDA में जाने की अटकलों पर सतेज पाटिल बोले- 2029 में बदलेगी महाराष्ट्र की राजनीति
चैट GPT से करते हैं इलाज, मानखुर्द-गोवंडी में 200 से अधिक फर्जी डॉक्टर मरीजों की जान से कर रहे खिलवाड़
एसटी महामंडल का बड़ा एक्शन: नासिक में निलंबित 12 अफसरों की जगह नई नियुक्तियां, महकमे में मचा हड़कंप
नागसेन नगर और वडाला रोड पर भीषण ट्रैफिक जाम; द्वारका अंडरपास के काम ने बढ़ाई नासिक वासियों की परेशानी
यह भी पढ़ें:-एसटी महामंडल का बड़ा एक्शन: नासिक में निलंबित 12 अफसरों की जगह नई नियुक्तियां, महकमे में मचा हड़कंप
गांव-निहाय प्रभावित क्षेत्र (हेक्टेयर में)
| गांव | प्रभावित क्षेत्र (हेक्टेयर) |
|---|---|
| चांदोरी | 150 |
| सायखेडा | 110 |
| शिंगवे | 100 |
| करंजगांव | 150 |
| कोठुरे | 250 |
| चापडगांव | 80 |
| भुसे | 25 |
| मांजरगांव | 80 |
| कुल | 945 |
सीजन की पहली ही बाढ़ में खेती की यह हालत हो गई है। अगर आगे और तेज बारिश हुई तो इलाके में और गंभीर बाढ़ की स्थिति पैदा होगी, जिससे खेतों में पानी जमा रहेगा। ऐसे में खरीफ फसलों को बचाना मुश्किल हो जाएगा, गन्ने की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
– शहाजी राजोले, किसान (करजगाव)
