पुणे में जल संकट की आहट: रिसाव तालाबों से अवैध पानी निकासी पर सख्त रोक, मोटर-पंप जब्त करने के निर्देश

Pune Water Crisis: कम बारिश के कारण पुणे जिला परिषद ने रिसाव तालाबों से अवैध पानी निकासी पर रोक लगा दी है। नियम तोड़ने पर मोटर-पंप जब्त होंगे तथा उड़न दस्ते निगरानी रखेंगे।
Looming water crisis in Pune: Strict ban on illegal water extraction from percolation tanks
प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
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Pune ZP Water Management: पुणे जिले में इस वर्ष हुई असमान और कम बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों के रिसाव तालाबों (पाझर तालाब) का जलस्तर तेजी से घट रहा है। कई तालाबों में पानी का स्तर 5 से 6 फीट तक नीचे चला गया है।

आगामी रबी सीजन में सिंचाई के लिए पानी की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला परिषद (जेडपी) ने रिसाव तालाबों से सीधे पानी निकालने पर तत्काल प्रभाव से सख्त रोक लगा दी है।

पुणे जिला परिषद अध्यक्ष वीरधवल जगदाले की अध्यक्षता में हुई जल प्रबंधन समिति की बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिन रिसाव तालाबों से सिंचाई के लिए पानी लेने की आधिकारिक अनुमति नहीं है, वहां से पानी की उपसा बंद कराई जाए।

बिना अनुमति पानी निकालते पाए जाने पर संबंधित किसान या व्यक्ति की मोटर, पंप और अन्य उपकरण जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अवैध पानी निकासी पर उड़न दस्तों की नजर

  • अवैध तरीके से पानी निकालने वालों पर निगरानी के लिए जिला प्रशासन विशेष उड़न दस्ते तैनात करेगा।

  • ये दस्ते ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह रिसाव तालाबों के जलस्तर का सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

Looming water crisis in Pune: Strict ban on illegal water extraction from percolation tanks
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  • नियमित निगरानी से उपलब्ध जल की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और अगले 8 से 9 महीनों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी तथा मवेशियों के लिए जल आरक्षण को ठोस

  • योजना तैयार करने में मदद मिलेगी। इस बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील, उपजिलाधिकारी चारुशीला देशमुख, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी भूषण जोशी सहित ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अवैध पानी उपसा रोकने, जलस्तर सर्वेक्षण, जनजागरूकता अभियान और अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट आठ दिनों के भीतर जल प्रबंधन समिति के समक्ष प्रस्तुत करें।

पानी के इस्तेमाल में संयम बरतने की अपील

जल प्रबंधन समिति ने किसानों से पानी का संयमित उपयोग करने की अपील की है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे रिसाव तालाबों के सीधे पानी पर निर्भर रहने के बजाय कुओं के पानी का नाप तोलकर इस्तेमाल करें, रबी फसलों की बुआई की योजना बनाने से पहले किसानों को अपने क्षेत्र में उपलब्ध पानी की वास्तविक स्थिति की जांच करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में क्षेत्रों में पीने के पानी की समस्या उत्पन्न न हो। यह उसकी पहली प्राथमिकता है।

रिसाव तालाबों में उपलब्ध पानी को बचाना बेहद जरूरी है। अवैध पानी उपसा तुरंत रोककर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। अगले आठ से नौ महीनों के लिए पीने के पानी और मवेशियों के लिए योजना बनाई जा रही है।"

वीरधवल जगदाले, अध्यक्ष, जिला परिषद, पुणे

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