स्वास्थ्य कर्मचारियों से सीधा संवाद, तनावमुक्त कार्य वातावरण के लिए नासिक में विशेष कार्यशाला आयोजित
Nashik Health Department: नासिक जिला परिषद में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लिए मानसिक तनाव मुक्त जीवन पर कार्यशाला आयोजित की गई। कर्मचारियों को सकारात्मक कार्य वातावरण पर मार्गदर्शन दिया गया।
- Written By: अंकिता पटेल
Nashik Mental Health Workshop( Source: Social Media )
Nashik Mental Health Workshop: नासिक स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल करने और उन्हें तनाब मुक्त वातावरण में काम करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार के मार्गदर्शन में नासिक जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग और आईआईटी बॉम्बे के स्टार्टअप इन्फीहील हेल्थटेक के संयुक्त तत्वावधान में मानसिक तनाव मुक्त जीवन विषय पर यह कार्यशाला जिला परिषद के सभागार में संपन्न हुई।
इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधाकर मोरे ने उपस्थित स्वास्थ्य सेवकों के साथ सीधा संवाद साधा। उन्होंने कर्मचारियों की दैनिक कार्यप्रणाली और उनकी समस्याओं के बारे में बहुत ही मजाकिया और सरल शैली में बातचीत की।
सम्बंधित ख़बरें
सिर्फ 2 घंटे की बारिश में सड़कें बनीं दरिया, संभाजीनगर मनपा मुख्यालय भी डूबा; यही थी प्री-मानसून तैयारी?
संभाजीनगर मनपा का बड़ा एक्शन, अक्टूबर से हटेगा अतिक्रमण, सड़क चौड़ीकरण की जद में आएंगी 1,040 संपत्तियां
भारी बारिश को लेकर संभाजीनगर मनपा प्रशासन अलर्ट, महापौर और आयुक्त ने किया आपदा नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण
पुणे में खाकी की गुंडागर्दी! सब इंस्पेक्टर ने कैफे में की तोड़फोड़ और बदसलूकी VIDEO देख भड़के नेटिजन्स
संवाद शैली से किया तनाव दूर
उनकी इस अनूठी संवाद शैली ने कर्मचारियों का तनाव दूर कर दिया और सभी ने राहत की सासली। डॉ. मोरे ने स्वास्थ्य सेवकों को बेहतर जीवनशैली अपनाने और तनावमुक्त होकर काम करने का भावुक संदेश दिया, इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आईआईटी बॉम्बे के स्टार्टअप इन्फीहील हेल्थटेक द्वारा विकसित ‘होली’ रहा।
यह दुनिया का सबसे उन्नत एआई थेरपिस्ट और कोच है, जिसे विशेष रूप से लोगों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य की सहायता के लिए डिजाइन किया गया है।
यह भी पढ़ें:-सिंहस्थ से पहले बड़ा झटका: नासिक की 129 करोड़ की सड़क परियोजना पर ब्रेक, पार्षदों के विरोध से काम ठप
डॉ. मोरे ने ‘होली’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य कर्मी अपनी मुस्कान बनाए रखते हुए बेहतर सेवा प्रदान कर सकते हैं।
इस कार्यशाला में अतिरिक्त जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेंद्र बागुल, जिला विस्तार एवं मीडिया अधिकारी प्रदीप निकम्, स्वास्थ्य सहायक सुरेश जाधव और बड़ी संख्या में नवनियुक्त स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित थे
