नासिक यज्ञा केस: मराठा समाज की मांग—‘यज्ञ शक्ति कानून’बने, दोषी को सज़ा मिले, विरोध में सैकड़ों लोग
Nashik Yagya Heinous Crime: नासिक में 4 वर्षीय यज्ञा के साथ हुए जघन्य अपराध के विरोध में सकल मराठा समाज ने ‘यज्ञ शक्ति कानून’ बनाने और 30 दिनों में सख्त सज़ा की मांग की।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Yagya Case Hindi News: नासिक सकल मराठा समाज की ओर से सरकार से मांग की गई है कि यहां की यज्ञा नामक बालिका पर हुए बलात्कार और हत्या के मामले में ‘यज्ञ शक्ति कानून’ बनाया जाए और 30 दिनों के भीतर आरोपी को फांसी की सज़ा दी जाए। इस मांग को मनोज जरांगे पाटिल के नेतृत्व में सकल मराठा समाज ने सार्वजनिक रूप से समर्थन दिया और आंदोलन में भाग लिया।
डोंगराले गांव में 4 वर्षीय निर्दोष बालिका यज्ञा पर हुए अमानवीय यौन अत्याचार और क्रूर हत्या की घटना ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है। सकल मराठा समाज इस घटना की कड़ी निंदा करता है और न्याय मिलने तक अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यज्ञा को न्याय मिलने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
दर्ज मामलों को वापस लें
यज्ञा प्रकरण रेअरेस्ट ऑफ द रेअर (दुर्लभतम से दुर्लभ) प्रकार का है। इसलिए, एडवोकेट उज्जवल निकम के साथ एडवोकेट शिशिर हिरे को सहायक सरकारी वकील के रूप में तत्काल नियुक्त किया जाए। आरोपी द्वारा किया गया अत्याचार क्रूर है। दोष सिद्ध होने के 30 दिनों के भीतर फांसी की सजा को क्रियान्वित किया जाए। ऐसे अमानवीय अपराधों के लिए एक अलग कठोर कानून लागू किया जाए, जिसका नाम ‘यज्ञ शक्ति कानून’ हो, और इसमें तत्काल फांसी का प्रावधान हो।
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यज्ञा बालिका को न्याय दिलाने के लिए महाराष्ट्र में जहां-जहां आंदोलन हुए हैं, उन आंदोलनों के माध्यम से आंदोलनकारियों पर दर्ज हुए सभी मामलों को तत्काल वापस लिया जाए।
यदि सरकार ने तत्काल निर्णय नहीं लिया तो आगे के कदम उठाए जाएंगे। यह चेतावनी मराठा क्रांति मोर्चा की ओर से समन्वयक करण गायकर, नानासाहेब बच्छाव, नवनाथ शिंदे, आशीष हिरे, भारत पिंगले, व समाज बंधुओं ने दी।
