Nashik Municipal Controversy( Source: Social Media )
Nashik Pipeline Damage Penalty: नासिक शहर में चल रहे विकास कार्यों के दौरान भूमिगत पेयजल पाइपलाइनों को क्षति पहुंचाने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध अब नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
स्थायी समिति के सभापति मच्छिंद्र सानप ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में जिस भी ठेकेदार की लापरवाही से पाइपलाइन टूटेगी, उससे बर्बाद हुए पानी की कीमत का पांच गुना जुर्माना वसूला जाएगा, गुरुवार को आयोजित स्थायी समिति की बैठक में पिछले एक सप्ताह से शहर की चरमराई जलापूर्ति व्यवस्था पर सदस्यों ने गहरा रोष व्यक्त किया।
पार्षद भारती ताजनपुरे, अदिति पांडे, राहुल दिवे, दीपाली कुलकर्णी और माधुरी बोलकर ने शिकायत की कि दो दिनों की घोषित कटौती के बाद पांच दिन बीत जाने पर भी जलापूर्ति सामान्य नहीं हुई है।
कई क्षेत्रों में गंदा पानी आ रहा है तो कहीं पानी बिल्कुल नहीं पहुंच रहा। सदस्यों ने मांग की कि महापौर के निर्देशानुसार हर वार्ड के लिए कम से कम एक स्वतंत्र पानी का टैंकर उपलब्ध कराया जाए, क्योंकि वर्तमान में टैंकरों की भारी किल्लत है।
बैठक में सदस्यों ने आरोप लगाया कि जलापूर्ति विभाग के अधिकारी नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को सुनने के बजाय अपने फोन बंद रखते हैं, जब सदस्यों ने पूछा कि अधिकारी फोन ‘स्विच ऑफ’ क्यों रखते हैं, तो अधीक्षक अभियंता रविंद्र धारणकर ने यह कहकर बचाव करने का प्रयास किया कि अत्यधिक फोन आने के कारण बैटरी खत्म हो गई होगी, जिससे सदस्य असंतुष्ट नजर आए।
यह भी पढ़ें:-Nashik मनपा बैठक में हंगामा, पानी संकट और गड्ढों पर बहस; पारदर्शिता पर उठे सवाल
विभागीय जानकारी के अनुसार, पंचवटी, नासिकरोड और बडाला क्षेत्रों में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों के दौरान मुख्य पाइपलाइन फटने से आपूर्ति बाधित हुई है।