मुंबई: चेंबूर स्कूल बस हादसे के बाद BMC का बड़ा एक्शन! तीन अधिकारी निलंबित, 8 दिन में जांच रिपोर्ट
Mumbai Tree Fall Deaths: चेंबूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद बीएमसी ने 3 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने 8 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है।
- Written By: रूपम सिंह
अश्विनी भिड़े, गणेश खणकर, डिजाइन इमेज (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Tree Fall Deaths BMC Officer Suspended: चेंबूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 वर्षीय बच्चे की मौत की दर्दनाक घटना के बाद बीएमसी प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। हादसे के बाद से ही मुंबई की मेयर पर भी दबाव बढ़ गया है। बुधवार को स्थायी समिति के सदस्यों ने बीएमसी प्रशासन को जमकर लताड़ लगाई। मामला तूल पकड़ता बीएमसी प्रशासन के वरिष्ठ देख अधिकारियों ने बुधवार शाम आनन-फानन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक बुलाई, जिसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों के तुरंत निलंबन की प्रक्रिया शुरू की गई।
बुधवार शाम तक एम पश्चिम वार्ड के सहायक उद्यान अधीक्षक जगदीश भोईर और सड़क विभाग के अभियंता अरुण मुंडे और सहायक अभियंता योगेश पाटें (एम पूर्व) को निलंबित किया गया है। बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त अविनाश ढाकने ने बताया कि सड़क एवं उद्यान विभाग के जिन अधिकारियों की प्रथम दृष्टया जवाबदेही बनती है, उनके निलंबन के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति को आठ दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को
सौंपने का निर्देश दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, एम वेस्ट के वार्ड अधिकारी शंकर भोसले को भी निलंबित किया जा सकता है। गौरतलब है कि एक बच्चे की मौत के अलावा चार अन्य विद्यार्थी घायल हो गए थे, जिसमें से एक बच्चा आईसीयू में भर्ती है इस घटना के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली और पेड़ों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
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2012 से अब तक पेड़ गिरने से 55 लोगों की मौत
एमआईएम के नगरसेवक व स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य जमीर कुरैशी ने भी प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि सबसे पहले दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 से अब तक मुंबई में पेड़ गिरने की विभिन्न घटनाओं में 55 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 423 लोग घायल हुए हैं। उनका कहना था कि इतने हादसों के बावजूद यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। अब समय आ गया है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को उनके कृत्यों के लिए कठोर दंड दिया जाए।
8 दिन में रिपोर्ट देगी जांच समिति
घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने, दोषियों की जवाबदेही तय करने और भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने बुधवार को दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया, समिति में उप आयुक्त (डीएमसी) पुरुषोत्तम मालवदे तथा उप आयुक्त शशांक भौरे को शामिल किया गया है। दोनों अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आठ दिनों के भीतर घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके अलावा वृक्ष विशेषज्ञों से भी सुझाव लिए जाएंगे कि मुंबई शहर में पेड़ों की सुरक्षा और रखरखाव की व्यवस्था को किस प्रकार अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन सुझावों को भी अंतिम रिपोर्ट का हिस्सा बनाया जाएगा।
स्कूल बसों और वैन में CCTV जरूरी
सरनाईक परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने विधान परिषद में बताया कि राज्य में स्कूली स्टूडेंट्स के सेफ ट्रांसपोर्टेशन के लिए स्कूल बसों और वैन में सीसीटीवी, महिला स्टाफ और बस ट्रैकिंग सिस्टम लगाना जरूरी कर दिया गया है। उन्होंने यह जानकारी भावना गवली के एक लिखित सवाल का जवाब देते हुए दी। साथ ही, सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के अनुसार, ट्रांसपोर्ट गाड़ियों में बस ट्रैकिंग सिस्टम लगाना भी जरूरी कर दिया गया है।
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स्थायी समिति की बैठक में विपक्ष का जोरदार हंगामा
बुधवार को बीएमसी की स्थायी समिति की बैठक में भी इस हादसे को लेकर तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। सदन के नेता गणेश खणकर ने मृत छात्र के प्रति शोक व्यक्त करते हुए कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा जांच पूरी होने तक उन्हें अनिवार्य अवकाश पर भेजा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त प्रशासनिक कदम उठाना आवश्यक है। वहीं कांग्रेस के गटनेता अशरफ आजमी ने इसे बेहद दुखद और गंभीर घटना बताते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी महापौर के समक्ष पेड़ों की सुरक्षा को लेकर ठोस नीति बनाने की मांग उठाई थी। यदि सड़क निर्माण और अन्य कार्यों में पेड़ों को नुकसान पहुंचा है तो इसकी जिम्मेदारी तय कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन जैसी कार्रवाई करें।
बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने बाताया की भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए खतरनाक पेड़ों का दोबारा व्यापक सर्वे कराया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट में जो भी अधिकारी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बीएमसी सदन नेता गणेश खणकर ने बाताया की इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें तत्काल अनिवार्य अवकाश पर भेजा जाना चाहिए। साथ ही पेड़ों के संरक्षण और निगरानी के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने की आवश्यकता है।
