साकीनाका मैनहोल हादसे पर भड़कीं मेयर रितु तावड़े; वार्ड ऑफिसर, जेई और एई समेत 4 लोगों के सस्पेंशन का दिया आदेश
BMC officers suspended: मुंबई के साकीनाका मैनहोल हादसे में बुजुर्ग की मौत के बाद रितु तावड़े ने बड़ा एक्शन लिया है। लापरवाही बरतने पर वार्ड ऑफिसर JE और AE समेत 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया।
- Written By: गोरक्ष पोफली
रितु तावड़ें का बयान (सोर्स: डिजाइन फोटो)
Mayor Ritu Tawde Suspends 4 BMC Officers: मुंबई के साकीनाका इलाके में एक खुले मैनहोल के कारण हुई असलम शेख की मौत ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। इस दुखद हादसे के बाद मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने कड़ा रुख अपनाते हुए घटनास्थल का दौरा किया और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई की है। मेयर ने इस घटना को न केवल पेनफुल बताया, बल्कि इसे प्रशासन की एक अक्षम्य और बहुत बड़ी गलती करार दिया है।
मेयर रितु तावड़े ने स्पष्ट किया कि प्रशासन को पहले ही कड़े निर्देश दिए गए थे कि मैनहोल पर जाली लगाने का काम मानसून शुरू होने से पहले ही पूरा कर लिया जाए। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब शहर में भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ था, तब पानी से लबालब सड़क पर मैनहोल का ढक्कन खोलकर जाली बिठाने का काम करना प्रशासन की भारी मूर्खता थी। मेयर के अनुसार, जलभराव के कारण पैदल चलने वालों को खुला मैनहोल दिखाई देना असंभव था, जिसके कारण यह जानलेवा हादसा हुआ।
वार्ड ऑफिसर समेत 4 अधिकारी निलंबित
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मेयर ने मौके पर ही चार अधिकारियों के सस्पेंशन का आदेश जारी कर दिया। सस्पेंड होने वाले अधिकारियों में वार्ड ऑफिसर धनाजी हेरलेकर, जेई दीपक चौगले, जेई अभिजीत चौगुले और एई उत्तम पाटिल शामिल हैं।
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मेयर ने वार्ड ऑफिसर हेरलेकर के उस जवाब पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें अपने वार्ड में हो रही इस गतिविधि की जानकारी नहीं थी। तावड़े ने कड़े शब्दों में कहा, वार्ड ऑफिसर अपने वार्ड का पेरेंट होता है। अगर वार्ड में एक पत्थर भी गिरता है, तो उसकी जानकारी ऑफिसर को होनी चाहिए। यह कहना कि मुझे मालूम नहीं, बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।
गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग
सिर्फ निलंबन ही नहीं, मेयर ने इन अधिकारियों और संबंधित कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या के तहत मामला दर्ज करने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी की लापरवाही के कारण एक जान गई है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाना चाहिए।
आर्थिक सहायता और जांच समिति का गठन
मृतक असलम शेख के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मेयर रितु तावड़े ने 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की है। इसमें से 6 लाख रुपये कोर्ट की प्रक्रिया के माध्यम से और 4 लाख रुपये वे स्वयं महापौर निधि से देंगी। इसके अतिरिक्त, इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए एडिशनल कमिश्नर शर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है, जो काम में हुई देरी और फंड के इस्तेमाल जैसे पहलुओं की जांच करेगी।
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पूरी मुंबई के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी
मेयर ने इस कार्रवाई के जरिए मुंबई के सभी वार्ड ऑफिसर्स, डीएमसी और इंजीनियरों को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे केवल दफ्तरों में न बैठें, बल्कि अपने-अपने वार्ड की हर गली का स्वयं सर्वेक्षण करें। उन्होंने अश्विनी भिड़े का बचाव करते हुए कहा कि उच्च अधिकारियों ने रिव्यु मीटिंग लेकर निर्देश दिए थे, लेकिन ग्राउंड लेवल पर अधिकारियों ने उनका पालन नहीं किया, जिसकी जवाबदेही अब तय की जाएगी। मेयर ने अंत में दोहराया कि वे डिजास्टर मैनेजमेंट के साथ लगातार संपर्क में हैं और भविष्य में ऐसी गलतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
