75 करोड़ से संवरेगा त्र्यंबकेश्वर, अखाड़ा विवाद खत्म, भूमिपूजन के साथ सिंहस्थ कुंभ की तैयारियां शुरू

Nashik Simhastha Kumbh: नासिक सिंहस्थ कुंभमेले से पहले त्र्यंबकेश्वर के अखाड़ों को लेकर उठा विवाद सुलझ गया है। मंत्री गिरीश महाजन के आश्वासन के बाद 10 अखाड़ों में विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ।
Trimbakeshwar Akhada Development Bhumipujan Girish Mahajan
त्र्यंबकेश्वर में अखाड़ों में शुरू होने वाले अलग-अलग डेवलपमेंट के कामों का भूमिपूजन करते मंत्री गिरीश महाजन (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Trimbakeshwar Akhada Development News: नासिक सिंहस्थ कुंभमेले की पृष्ठभूमि में त्र्यंबकेश्वर के अखाड़ों में सुविधाओं की अनदेखी को लेकर राज्य सरकार और कुंभमेला प्रशासन के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने वाले साधु-संतों का गुस्सा आखिरकार शांत हो गया है। कुंभमेला मंत्री गिरीश महाजन के साथ हुई चर्चा के बाद अब त्र्यंबकेश्वर के सभी 10 अखाड़ों में विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर साधु-संतों ने कुंभमेले के सफल आयोजन के लिए प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

विकास में फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी

कुंभमेला और विवाद अक्सर साथ-साथ चलते हैं, लेकिन समय रहते सुलझाए गए इस विवाद से अब काम में तेजी आएगी। शैवपंथी अखाड़ों ने हर अखाड़े के लिए 5 करोड़ रुपये के फंड की मांग की थी। गिरीश महाजन ने स्पष्ट किया कि 10 अखाड़ों की सुविधाओं के लिए चाहे 50 करोड़ लगें या 75 करोड़, फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। गणतंत्र दिवस पर हुई चर्चा के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्ययोजना तैयार की और अब धरातल पन काम शुरू हो गया है।

अखाड़ों और घाटों का होगा कायाकल्प

कुंभमेला प्राधिकरण की और से मुख्य कार्यक्रम 'श्री पंच दशनाम जूना अखाडा' में आयोजित किया गया। इसके बाद मंत्री महाजन ने सभी 10 शैवपंथी अखाड़ों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी एजेंसियां युद्धस्तर पर काम करें और निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। अखाड़ों के विकास के साथ-साथ त्र्यंबकेश्वर में नए घाटों के निर्माण कार्य का भी शुभारंभ किया गया है।

साधु-संतों ने जताया कार्यों पर संतोष

अखाड़ा परिषद के महंत हरीगिरीजी महाराज ने शुरू हुए कार्यों पर समाधाना व्यक्त किया और सरकार को कुंभमेले के सफल आयोजन के लिए हर संभव मदद का वादा किया। महंत शंकरानंद सरस्वती ने साधु-संतों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से यह कुंभमेला जागतिक स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ेगा।

इस अवसर पर कुंभमेला प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण गेडाम और जिलाधिकारी आयुष प्रसाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी 10 शैवपंथी अखाड़ों का बुनियादी ढांचा विकास। अखाड़ों के लिए 50 से 75 करोड़ रुपये तक का प्रावधान। पक्के घाटों का निर्माण और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं, प्रशासन को 'जीरो टॉलरेंस' नीति के साथ कामा करने के निर्देश।

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