रिंग रोड भूमि अधिग्रहण पर भारी हंगामा, मातोरी और मुंगसरा में पुलिस व किसानों के बीच झड़प, मारपीट का आरोप
Nashik Ring Road Dispute: नासिक में रिंग रोड भूमि अधिग्रहण को लेकर मातोरी और मुंगसरा गांवों में किसानों और पुलिस के बीच विवाद बढ़ गया, जहां किसानों ने मारपीट का आरोप लगाया।
- Written By: महाराष्ट्र डेस्क
Farmers Police Class (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Farmers Police Class: सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनजर प्रस्तावित रिंग रोड के लिए चल रही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ने अब हिंसक मोड़ ले लिया है। शनिवार 2 मई को मातोरी और मुंगसरा गांवों में जमीन की पैमाइश मोजणी करने पहुंचे अधिकारियों और पुलिस बल पर किसानों ने मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है।
हालांकि, जिला प्रशासन और पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिससे अब यह विवाद और अधिक गहराने की संभावना है। रिंग रोड परियोजना के लिए कुल 25 में से 19 गांवों में पैमाइश का काम पूरा हो चुका है। मातोरी और मुंगसरा सहित चार गांवों के किसानों ने इस प्रक्रिया के खिलाफ मुंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई 4 मई को होनी है। किसानों का कहना है कि सड़क के नक्शे (अलाइनमेंट) के कारण उनके घर और बंगले प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए इसमें बदलाव किया जाना चाहिए।
किसानों का आरोप
किसानों के अनुसार, प्रशासन ने उन्हें 2 मई की सुबह 9:30 बजे आने का संदेश दिया था, लेकिन पुलिस बल और अधिकारी सुबह 7:00 बजे ही उनके घरों पर धमक पड़े। किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें घरों से बाहर निकाला, महिलाओं के साथ मारपीट की और जबरन गाड़ी में बिठाकर नासिक तालुका पुलिस स्टेशन ले गए। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घंटों पुलिस की गाड़ियों में बंद रखा गया।
सम्बंधित ख़बरें
अमरावती जिप टेंडर प्रक्रिया पर अनियमितता, युवक कांग्रेस ने की जांच की मांग
बारहवीं परीक्षा में लड़कियों का दबदबा, वर्धा में 12वीं रिजल्ट घोषित, विज्ञान में मिसबाह फातिमा टॉपर
तिरोड़ा में जल संकट गहराया, पाइपलाइन के आकार से बढ़ी समस्या, 40 साल पुरानी योजना के बाद भी पानी की किल्लत
अशोक खरात केस: ED की रडार पर रुपाली चाकणकर के रिश्तेदार, बहन प्रतिभा और भांजे को भेजा समन
प्रतिक्रिया
शनिवार को पैमाइश के दौरान ग्रामीणों के एक गुट ने विरोध किया। ग्रामीणों को संघर्ष के बजाय सहयोग करना चाहिए। मोजणी करने का अर्थ कब्जा लेना नहीं है, इसलिए किसान अफवाहों पर विश्वास न करें। इस पूरी घटना की जांच की जाएगी। (आयुष प्रसाद, जिलाधिकारी)
प्रतिक्रिया
नासिक तहसील थाना पुलिस निरीक्षक मृदुला नायक ने कहा कि पुलिस ने केवल ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। महिलाओं से घर के भीतर रहने का अनुरोध किया गया था। किसी भी पुलिसकर्मी ने मारपीट नहीं की है। काम में बाधा डालने वाले कुछ लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया था, जिन्हें दोपहर 3:30 बजे रिहा कर दिया गया।
