प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
NOTA Votes In Nashik Election: नासिक महानगरपालिका की 122 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। शहर की जनता ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर अपना अटूट विश्वास जताया है। भाजपा ने 72 सीटों पर शानदार जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। वहीं, कभी नासिक की सत्ता पर काबिज रहने वाली राज ठाकरे की मनसे को इस चुनाव में करारा झटका लगा है और पार्टी महज एक सीट पर सिमट गई है। इस बीच एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है।
नासिक महानगरपालिका चुनाव के नतीजों ने राजनीतिक दलों के लिए चिंता का विषय खड़ा कर दिया है। शहर के करीब 12 प्रतिशत मतदाताओं ने ‘नोटा’ का विकल्प चुनकर वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था और उम्मीदवारों के प्रति अपना असंतोष व्यक्त किया है। कुल 7 लाख 71 हजार मतदाताओं में से लगभग 91 हजार लोगों ने किसी भी उम्मीदवार को अपना मत न देते हुए ‘नोटा’ का बटन दबाया है।
चुनाव मैदान में उतरे कुल 735 उम्मीदवारों में से 211 प्रत्याशी ऐसे रहे, जिन्हें ‘नोटा’ से भी कम वोट मिले। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि कई प्रभागों में मतदाता स्थानीय उम्मीदवारों के चयन से खुश नहीं थे। भाजपा को भले ही पूर्ण बहुमत मिला हो, लेकिन 11.80 प्रतिशत ‘नोटा’ वोट प्रतिशत ने सभी राजनीतिक दलों को आत्ममंथन पर मजबूर कर दिया है।
नासिक मनपा के प्रभाग क्रमांक 14 (ड) में 15 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें से 9 उम्मीदवारों को ‘नोटा’ से भी कम वोट मिले। इसी तरह प्रभाग क्रमांक 17 (अ) में भी 14 में से 9 उम्मीदवारों की स्थिति नोटा से नीचे रही, यह स्थिति दर्शाती है कि मतदाताओं का उम्मीदवारों पर से भरोसा कम होता जा रहा है। प्रभाग 25 में ‘नोटा’ का रिकॉर्ड शहर के 31 प्रभागों में से प्रभाग क्रमांक 25 में ‘नोटा’ का सबसे अधिक उपयोग किया गया। यहां चार सीटों (अ, ब, क और ड) पर कुल 4,721 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना। वहीं, प्रभाग क्रमांक 5 में नोटा को अकेले 1626 वोट मिले, जो कई प्रत्याशियों के व्यक्तिगत वोट से भी अधिक है।
यह भी पढ़ें:- नासिक: चुनाव हारने की बौखलाहट में शिंदे गुट के नेता की गुंडागर्दी, विजयी प्रत्याशी से मांगी 50 लाख की फिरौती