प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Municipal Election: नासिक महानगरपालिका चुनाव की रणभेरी बजते ही नासिक की राजनीति में दलबदल का खेल अपने चरम पर पहुंच गया है। ‘विनिंग एबिलिटी’ के चक्कर में शिंदे सेना और उद्धव सेना ने कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दूसरी पार्टियों से आए नेताओं को उम्मीदवारी देने में भारी उदारता दिखाई है। अकेले शिंदे सेना में बाहर से आए 19 उम्मीदवारों को मौका दिया गया है, जबकि उद्धव सेना ने अन्य दलों से आए 9 चेहरों को मैदान में उतारा है।
चुनाव से ठीक पहले पाला बदलने वाले कई दिग्गजों को तुरंत इनाम मिला है। वार्ड नंबर 9 से प्रेम पाटिल को शिंदे सेना ने मैदान में उतारा है, जो भाजपा से नाराज चल रहे थे।
पूर्व पार्षद शीतल भामरे ने भाजपा छोड़कर शिंदे सेना का दामन थामा और वार्ड 20 से टिकट हासिल कर लिया। इसी तरह कमलेश बोडके, जो भाजपा से इच्छुक थे, अब वार्ड 5 से शिंदे सेना के प्रत्याशी है। राकांपा (अजित पवार) गुट का पलायनः कैलास मुदलियार को राकांपा छोड़कर शिंदे सेना में आने का तुरंत फायदा मिला।
अमोल नाइक (वार्ड 25) और सुनीता शिंदे भी राकांपा छोड़कर शिंदे सेना में शामिल हुए और उम्मीदवार बन गए। कविता कर्डक, जो राकांपा की पूर्व पार्षद थी, उन्हें भी शिंदे सेना ने मौका दिया है।
अन्य प्रमुख नामः वैशाली दानी को शिंदे सेना ने वार्ड 22 से नामांकन दिया है। वहीं, पंचवटी के पूर्व पार्षद दामोदर मानकर और सुनीता पिंगले को भाजपा से मौका न मिलने पर शिंदे सेना ने अपना उम्मीदवार बनाया है।
उद्धय सेना ने भी भाजपा और अन्य दलों के बागियों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। वार्ड 29 से भाजपा की इच्छुक उम्मीदवार मोनिका बराडे को उद्धव सेना ने अपना प्रत्याशी बनाया है।
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पार्टी ने ऐसे 9 उम्मीदवारों पर दांव लगाया है जो हाल ही में संगठन से जुड़े हैं। महायुति के भीतर सब कुछ ठीक नहीं दिख रहा है 10 सीटों पर मुकाबलाः नासिक की करीब 10 सीटों पर शिंदे सेना और राकांपा (अजित पवार गुट) के बीच ‘फ्रेंडली फाइट’ होने के प्रबल संकेत हैं।