Nashik: नासिक में चुनावी रणभूमि तैयार, किसकी होगी जीत? टिकट के लिए नेताओं की धड़कनें तेज
Nashik Elections: नासिक महानगरपालिका चुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज है। भाजपा और मनसे ने उम्मीदवारों के साक्षात्कार पूरे कर लिए हैं, जबकि शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा में मंथन जारी है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Elections Candidate Selection News: नासिक महानगरपालिका चुनाव के लिए सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। राज्य चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद, शहर के राजनीतिक गलियारों में साक्षात्कारों, गुप्त बैठकों और आंतरिक मंथन का दौर तेज हो गया है। महायुति और महाविकास आघाड़ी (मविआ) के बीच सीटों के तालमेल को लेकर चल रही खींचतान ने इच्छुक उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
साक्षात्कारों में भाजपा और मनसे ने मारी बाजी उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में भाजपा ने सबसे पहले अपने इच्छुक उम्मीदवारों के साक्षात्कार पूरे कर लिए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने भी शनिवार को सभी प्रभागों के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया तेजी से निपटा ली है। दूसरी ओर शिवसेना (शिंदे व ठाकरे गुट): साक्षात्कार और आंतरिक सर्वे का दौर अभी भी जारी है। कांग्रेस और राकांपाः दोनों ही खेमों में वरिष्ठ नेताओं द्वारा जिताऊ उम्मीदवारों की छंटनी की जा रही है।
नामांकन की समयसीमा और चुनावी गणित
| क्रमांक | विवरण | तिथि |
|---|---|---|
| 1 | कुल सीटें | 122 |
| 2 | नामांकन शुरू | 23 दिसंबर 2025 |
| 3 | नामांकन की अंतिम तिथि | 30 दिसंबर 2025 |
| 4 | मतदान | 15 जनवरी 2026 |
| 5 | परिणाम | 16 जनवरी 2026 |
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सर्वे रिपोर्ट और वरिष्ठों का दबाव
टिकट वितरण में इस बार ‘वॉर रूम’ और ‘सर्वे डेटा’ की बड़ी भूमिका है। जो उम्मीदवार जमीनी स्तर पर मजबूत दिख रहे हैं, उन्हें ही मौका देने की रणनीति अपनाई जा रही है।
उम्मीदवारों की अंतिम सूची घोषित होने तक नासिक की राजनीति में हाई-वोल्टेज ड्रामा और उठापटक जारी रहने की पूरी संभावना है।
महायुति और मविआ में सीटों का ‘पेंच’
टिकट की कोई पक्की गारंटी न होने की वजह से कई दिग्गज उम्मीदवार अभी भी ‘आशा और आशंका’ के बीच झूल रहे हैं। भाजपा ने उम्मीदवार चयन के लिए प्रोफेशनल सर्वे रिपोर्ट को आधार बनाया है, जिसे अंतिम निर्णय के लिए वरिष्ठ नेतृत्व को भेजा गया है। महायुति (भाजपा शिवसेना शिंदे गुट-राकांपा) के बीच गठबंधन को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है।
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वरिष्ठ नेताओं का दबाव गठबंधन के लिए है, लेकिन स्थानीय स्तर पर समीकरण बाधक बन रहे हैं: भाजपा शहराध्यक्ष सुनील केदार ने अकेले चुनाव लड़ने की सिफारिश की है। राकांपा (अजीत पवार): फिलहाल अकेले दम पर लड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। महाविकास आघाड़ीः शिवसेना (ठाकरे गुट) और मनसे के बीच तालमेल की खबरें चर्चा में हैं, हालांकि औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
