प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Nashik Municipal Election: नासिक महानगरपालिका चुनाव के लिए पिछले कई दिनों से जारी धुआंधार प्रचार अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। मंगलवार, 13 जनवरी को शाम 5.30 बजे आधिकारिक प्रचार की समय-सीमा समाप्त हो जाएगी।
इसके बाद शहर में चुनावी रैलियों और लाउडस्पीकरों की गूंज शांत हो जाएगी। अंतिम दिन सभी उम्मीदवारों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और मतदाताओं से सीधा संवाद साधने के लिए ‘प्रचार फेरी’ पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रचार अभियान के दौरान नासिक में कई दिग्गजों की साख दांव पर लगी नजर आई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सभाओं ने जहां विकास का एजेंडा रखा, वहीं शिवसेना (ठाकरे गुट) और मनसे की संयुक्त सभा में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की मौजूदगी सबसे ज्यादा चर्चा में रही।
इन सभाओं से उम्मीदवारों का आत्मविश्वास बढ़ा है और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। मतदान से पहले अब हर उम्मीदवार गुप्त बैठकों और व्यक्तिगत मुलाकातों के जरिए अपनी जीत पक्की करने में जुटा है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे के अनुसार, 13 जनवरी की शाम 5.30 बजे के बाद किसी भी इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंट मीडिया के माध्यम से चुनाव संबंधी विज्ञापनों का प्रसारण या प्रकाशन नहीं किया जा सकेगा। यह प्रतिबंध मतदान समाप्त होने तक यानी अगले 48 घंटों तक जारी रहेगा। 15 जनवरी को सुबह 7.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी।
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सार्वजनिक प्रचार थमने के बाद अब प्रशासन की असली चुनौती शुरू होगी। पुलिस बल और निगरानी पथको (एसएसटी/वीएसटी) को अलर्ट कर दिया गया है ताकि मतदाताओं को लुभाने के लिए चनबल या बाहुबल का दुरुपयोग न हो सके। आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर एफआईआर दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए गए है। शहर के प्रवेश द्वारों पर नाकाबंदी और अधिक कड़ी कर दी गई है।
इस बार की लड़ाई बेहद दिलचस्प और बहुकोणीय है: भाजपा: 118 उम्मीदवारों के साथ स्वतंत्र रूप से मैदान में है। महायुतिः शिवसेना (शिंदे गुट) और राकांपा (अजीत पवार गुट) गठबंधन बनाकर लड़ रहे है। महाविकास आघाड़ी: शिवसेना (ठाकरे गुट), कांग्रेस और राकांपा (शरद पवार गुट) ने मनसे के साथ मिलकर मोर्चा संभाला है।