चुनावी माहौल में बड़ा फैसला, नासिक रिडेवलपमेंट को मिली राहत; मंच से सीधा फोन: उदय सामंत

Smart City Nashik: नासिक में हाउसिंग सोसायटियों के रिडेवलपमेंट की वर्षों पुरानी अड़चन उद्योग मंत्री उदय सामंत ने एक फोन कॉल पर दूर कर दी। ठाणे-पुणे जैसे विकास मापदंड लागू करने पर सहमति बनी।
A major decision in the election season: Nashik redevelopment project gets relief; direct phone call from the stage: Uday Samant
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik Municipal Election: नासिक महानगरपालिका चुनाव प्रचार के बीच नासिक के निर्माण क्षेत्र और हजारों रहवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। होटल ट्रीट में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री उदय सामंत ने हाउसिंग सोसायटियों के रिडेवलपमेंट (पुनर्विकास) से जुड़ी वर्षों पुरानी अड़चन को महज एक फोन कॉल पर सुलझा दिया। क्रेडाई की मांग पर सामंत ने मंच से ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को फोन लगाया, जिसके बाद नाशिक में भी ठाणे और पुणे जैसे विकास मापदंड लागू करने पर सहमति बनी।

क्या थी मुख्य अड़चन और क्या होगा बदलाव ?

नासिक में हाउसिंग सोसायटियों के पुनर्विकास में 'यूनिफाइड डीडीआर' के कारण कई तकनीकी समस्याएं थीं। अब - तक नासिक में 9 मीटर चौड़ी सड़कों पर केवल 1.4 FSI मिलता था। अब इसे बढ़ाकर पुणे और ठाणे की तरह 2.5 (1.8 से 2 बेस और 0.5 इंसेंटिव) तक किया जाएगा। अब तक नासिक में इमारत की ऊंचाई नापते समय पोडियम पार्किंग को भी शामिल किया जाता था, जिससे डेवलपर्स को नुकसान होता था। अब मुंबई की तर्ज पर पोडियम पार्किंग को ऊंचाई की गणना से बाहर रखा जाएगा। इस फैसले से शहर की लगभग 4,500 से 5,000 सोसायटियों का पुनर्विकास आसान हो जाएगा, जिससे 2 से 5 लाख नागरिकों को सीधा लाभमिलेगा।

दिग्गज संगठनों के साथ संवाद

इस महत्वपूर्ण बैठक में शहर के सभी प्रमुख संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। औद्योगिकः निमा अध्यक्ष आशीष नाहर, आयमा अध्यक्ष ललित बुंब, धनंजय बेले। निर्माणः क्रेडाई अध्यक्ष गौरव ठक्कर, उपाध्यक्ष उदय घुगे, नरेडको (NAREDCO) अध्यक्ष सुनील गवांदे। तान अध्यक्ष सागर वाघचौरे, महाराष्ट्र चेंबर के संजय सोनवणे, लघु उद्योग भारती के योगेश जोशी।

"हम करेंगे-देखेंगे नहीं, समाधान करते हैं"

बैठक के दौरान मंत्री उदय सामंत ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि हमारी सरकार "देखेंगे" या "सोचेंगे जैसे शब्दों पर काम नहीं करती, बल्कि सीधा समाधान निकालती है।

उन्होंने निर्माण और व्यापार क्षेत्र की सराहना करते हुए अपील की कि महापालिका चुनाव में 'धनुष-बाण' (शिवसेना) को समर्थन देकर विकास के मार्ग को और सुगम बनाएं।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी आश्वासन दिया है कि चुनाव के तुरंत बाद इन नियमों को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा।

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