3054 करोड़ के बजट में बड़ा बदलाव—फंड डायवर्ट होने से जनहित योजना अधर में, मनपा के फैसले पर उठे सवाल
Nashik News: मनपा 2025-26 बजट की 3054.70 करोड़ की निधि को पुनर्विलीनीकरण के जरिए अन्य कामों में डायवर्ट। इससे समाज कल्याण, निर्माण, खेल व महिला-बाल कल्याण विभागों की योजनाएँ प्रभावित हो रही हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स:सोशल मीडिया )
Nashik Municipal Budget 2025-26: नाशिक महानगरपालिका (मनपा) द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए पेश किए गए 3054.70 करोड़ रुपये के बजट में आवंटित निधि को अब पुनर्विलीनीकरण (निधि का विचलन) के नाम पर अन्य कार्यों के लिए मोड़ दिया गया है।
नगर निगम की आम सभा में यह प्रस्ताव पारित हुआ। इसके माध्यम से इस पर मुहर लगने के बाद, यह स्पष्ट हो गया है कि आर्थिक वर्ष की शुरुआत में जिस जनहित के उद्देश्य से निधि का प्रावधान किया गया था, वह अब साध्य होता हुआ नहीं दिख रहा है।
नियमानुसार, दिसंबर महीने में खर्च का जायजा लेकर संशोधित बजट तैयार किया जाना चाहिए। लेकिन मनपा के लेखा विभाग ने इस बार संशोधित बजट न बनाकर, सीधे पुनर्विलोकन प्रस्ताव पारित कर निधि को डायवर्ट कर दिया है।
सम्बंधित ख़बरें
सुप्रीम कोर्ट से शिक्षकों को बड़ी राहत, आरटीई से पहले नियुक्त टीचरों को टीईटी पास करने के लिए 2028 तक का समय
हाई कोर्ट की सख्ती के बाद मनपा का बुलडोजर, अब सिर्फ हॉकर्स नहीं, अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों पर भी कार्रवाई
नारियल तेल खरीदारों की बल्ले-बल्ले, नागपुर में नारियल तेल धड़ाम! 2 दिन में टिन 2,000 रुपये सस्ता
नासिक लाडकी बहिन योजना की जांच में बड़ा खुलासा, e-KYCऔर दस्तावेजों में खामी से डेढ़ लाख महिलाएं अपात्र
प्रभावित विभाग मनपा द्वारा बजट तैयार करते समय जिस उद्देश्य से निधि का प्रावधान किया गया था, जैसे समाज कल्याण, निर्माण कार्य, खेल (क्रीडा), और महिला एवं बाल कल्याण, वह अब प्रभावित हो रहा है। ऐसी चर्चा है कि पार्षदों के स्वेच्छा निधि सहित सामाजिक कल्याण विभागों के फंड में कटौती की गई है।
PPP परियोजनाओं को प्राथमिकता
यह निधि मुख्य रूप से तीन प्रमुख मदों के लिए मोड़ी (डायवर्ट) गई है- शहर के तीन आमदारों (विधायकों) के साथ-साथ वजनदार नेताओं के प्रभागों (वाडौँ) में कुछ काम शामिल किए गए हैं, जिसके लिए यह निधि इस्तेमाल की जाएगी। देवलाली विधानसभा क्षेत्र में जलकुंभ का निर्माण भी इसमें शामिल है।
PPP-HAM प्रोजेक्ट
सिंहस्थ कुंभ मेले के निमित्त पीपीपी-हॅम (PPP-HAM) मॉडल के अनुसार चल रहे सीवेज ट्रीटमेट प्लांट (सांडपाणी प्रक्रिया प्रकल्प) के काम के लिए एस्क्रो खाते में निधि देना अनिवार्य है।
यह भी पढ़ें:- अधिकारियों के कामकाज से नाराज़ गिरीश महाजन, “अपना सिर पीट लिया”, सेंट्रल पार्क पूरा करने के आदेश
भले ही यह सीवेज प्रोजेक्ट पूरी तरह से पूरा नहीं हुआ हो, लेकिन इसके लिए अनिवार्य निधि उपलब्ध कराने हेतु अन्य विभागों का फंड मोड़ने का प्रस्ताव पारित किया गया है।
दत्तात्रेय पाथरूट, लेखाधिकारी, मनपा ने कहा, रचार वर्षों से संशोधित बजट नए बजट के साथ ही पेश किया जा रहा है। दिसंबर के अंत तक संशोधित बजट नहीं होता है। कुछ परियोजनाओं के लिए निधि जुटाने हेतु प्रस्ताव पारित किया गया है।
