सिर्फ वृक्षारोपण नहीं, संरक्षण पर भी जोर: मिशन ग्रीन मानसून के पांचवें चरण में नासिक वासियों का दिखा उत्साह
Mission Green Monsoon: नासिक के 'मिशन ग्रीन मानसून' अभियान को शानदार प्रतिसाद मिला है। क्यूआर कोड से पंजीकरण कराने वाले 8,750 नागरिकों को अब वार्डवार देशी छायादार और फलदार पौधों का वितरण किया जाएगा।
- Written By: अंकिता पटेल
नासिक मिशन ग्रीन मानसून, सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)
Nashik Green Monsoon Campaign: नासिक कुंभ मेला मंत्री तथा राज्य के जल संसाधन एवं आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन की अनूठी और दूरदर्शी संकल्पना से संचालित ‘उन्नत नासिक अभियान’ के तहत चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी ‘मिशन ग्रीन मानसून’ अभियान को नासिक के पर्यावरण प्रेमियों का अभूतपूर्व और उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिल रहा है।
इस अभियान के अब पांचवें चरण में क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले नागरिकों को उनकी मांग के अनुसार विभिन्न देशी प्रजातियों के छायादार और फलदार पौधे वार्डवार वितरित किए जा रहे हैं। नासिक शहर को अधिक हरा-भरा, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से नागरिकों को अपने-अपने क्षेत्र में वृक्षारोपण के लिए एक विशेष क्यूआर कोड पंजीकरण प्रणाली उपलब्ध कराई गई थी।
8,750 नागरिकों ने मांगे पौधे, अब वार्डवार होगा वितरण
इस डिजिटल पहल को शहरवासियों का भरपूर समर्थन मिला है, जिसके चलते अब तक 8,750 नागरिकों ने देसी प्रजातियों के पौधों के लिए अपनी मांग दर्ज कराई है। इन सभी पंजीकृत नागरिकों को पांचवें चरण के तहत उनके संबंधित वाडों में पौधे सुगमता से वितरित किए जाएंगे।
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वार्डवार वितरण और पौधों के संरक्षण की पुख्ता तैयारी प्रशासन द्वारा इसके लिए एक सुनियोजित वार्डवार योजना तैयार की गई है। संबंधित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पर्यावरण प्रहरी समूहों और नासिक महानगरपालिका के उद्यान विभाग के आपसी समन्वय से नागरिकों के घर-घर तक पौधे पहुंचाए जाएंगे।
इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि केवल पौधे बांटने तक औपचारिकता सीमित नहीं रखी गई है, बल्कि उनके रोपण के बाद पेड़ बनने तक उनके संरक्षण और देखभाल पर भी विशेष रूप से जोर दिया जा रहा है।
पहले चार चरणों में लग चुके हैं 25 हजार से अधिक पौधे
‘मिशन ग्रीन मानसून’ अभियान के शुरुआती चार चरणों में ही रिकॉर्ड तौड़ सफलता हासिल करते हुए 25 हजार से अधिक देशी प्रजातियों के विशाल वृक्षों के रोपण की मजबूत शुरुआत की जा चुकी है
पहला चरण: सातपुर देवराई और शिंदे ग्राम पंचायत क्षेत्र में 5 हजार पौधे लगाए गए।
दूसरा चरण: मसरूल वनराई (पीकॉक हिल) तथा त्र्यंबक रोड स्थित ग्रेप काउंटी परिसर में 6 हजार वृक्षों का रोषण किया गया,
तीसरा चरणः ऐतिहासिक नंदिनी नदी के दोनों किनारों पर 6 हजार देशी प्रजातियों के पौधे रोपकर नदी को एक मजबूत हरित सुरक्षा कवच प्रदान किया गया,
चौथा चरण: दरियाई माता परिसर (दरी) में 5 हजार और सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के नासिक उपकेंद्र परिसर में 2 हजार वृक्षों के रोपण का भव्य शुभारंभ किया गया।
जनआंदोलन बनता जा रहा है पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि हर रविवार को मंत्री गिरीश महाजन स्वयं शहर के विभिन्न स्थानों पर प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहकर वृक्षारोपण के महायज्ञ में भाग लेते हैं। वे शहर के वृक्षप्रेमियों, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं, ऊर्जावान युवाओं और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा रहे है, ताकि यह मुहिम केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर आम जनता का एक विशाल जनआंदोलन बन सके।
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इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि ‘हरित नासिक’ केवल सस्कार का कोई कागजी संकल्प नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नासिकवासी का अपना व्यक्तिगत संकल्प है। जिस तरह से नागरिकों ने आगे आकर क्यूआर कोड के माध्यम से बढ़-चढ़कर पौधों की मांग दर्ज कराई है, वह बेहद हर्ष का विषय है।
केवल पौधे लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनका पूरी निष्ठा से संगोपन करना भी हम सबकी सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले नासिक को देश का सबसे हरा-भरा, स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने के लक्ष्य को हम सब मिलकर अवश्य पूरा करेंगे।
