

Nashik Mission Green Monsoon: 'उन्नत नासिक अभियान' के अंतर्गत चलाए जा रहे 'हरित कुंभ- हरित मानसून' यानी 'मिशन ग्रीन मानसून' अभियान के तीसरे चरण में आज नंदिनी नदी के दोनों तटों पर राज्य के जल संसाधन एवं आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन के हाथों वृक्षारोपण किया गया।
इस अवसर पर मंत्री गिरीश महाजन ने घोषणा की कि हम नासिक शहर को देश में एक 'हरित शहर' (ग्रीन सिटी) के रूप में नई पहचान दिलाएंगे। आज सुबह पिंपलगांव बहुला स्थित महादेव मंदिर परिसर में नंदिनी नदी के तट और भाभा नगर क्षेत्र में यह वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मंत्री श्री महाजन के कर-कमलों द्वारा नंदिनी नदी का जलपूजन भी संपन्न हुआ।
इस अवसर पर विधायक देवयानी फरांदे, विधायक सीमा हिरे, महापौर हिमगौरी आडके, जिलाधिकारी आयुष प्रसाद, महानगरपालिका आयुक्त मनीषा खत्री, सभापति समाधान देवरे, नगरसेवक विश्वास नांगरे, दल नेता श्याम बडोदे, इंदुमती नागरे, माधुरी बोरकर, सचिन मराठे, संध्या कुलकर्णी, चंद्रकांत खोडे, मंगला ननावरे, पूर्व महापौर सतीश कुलकर्णी, शेखर गायकवाड़, चंद्रकिशोर पाटिल और राजेश पंडित सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री गिरीश महाजन ने कहा, हम सभी ने एक स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और हरित नासिक बनाने का संकल्प लिया है। नागरिकों के इस दृढ़ संकल्प से आने वाले समय में नासिक का स्वरूप निश्चित रूप से बदल जाएगा। आगामी सिंहस्थ कुंभमेला के मद्देनजर नासिक को देश का एक आदर्श, पर्यावरण-अनुकूल और सुनियोजित शहर बनाने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा।
मंत्री गिरीश महाजन आगे कहा कि देश में सर्वाधिक पेड़ों वाले शहर के रूप में नासिक को विकसित करना हमारा सामूहिक लक्ष्य है। इसके लिए सरकार के साथ-साथ सभी सामाजिक घटकों, गैर-सरकारी संगठनों, धार्मिक संगठनों, उद्योग जगत और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने आगे बढ़कर इस अभियान में सराहनीय योगदान दिया है। 'मिशन ग्रीन मानसून' के तहत अब तक नासिक के लोगों से मिली प्रतिक्रिया पर्यावरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उल्लेखनीय है कि 'मिशन ग्रीन मानसून' के तहत इससे पहले भी शहर के विभिन्न हिस्सों में वृक्षारोपण किया जा चुका है। साथ ही, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नंदिनी नदी महास्वच्छता अभियान चलाकर नदी के तल की सफाई, उसे गहरा और चौड़ा करने का कार्य किया गया था।
अब नदी के किनारों पर बड़े पैमाने पर स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाकर नंदिनी नदी को स्थायी हरित सुरक्षा कवच प्रदान करने का संकल्प धरातल पर उतारा जा रहा है। इस अभियान में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, पर्यावरण प्रेमियों, स्वामी नरेंद्राचार्य महाराज के नाणिज पीठ के अनुयायियों और कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने हिस्सा लिया। वृक्षारोपण के साथ-साथ इन पौधों के संरक्षण और संवर्धन का भी संकल्प लिया गया।