चंद्रशेखर बावनकुले (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chandrashekhar Bawankule On Nashik MHADA Scam: महाराष्ट्र सरकार ने नासिक में म्हाडा (MHADA) आवास योजना के क्रियान्वयन में हुई बड़े पैमाने पर गड़बड़ी को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। प्रदेश के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को स्पष्ट किया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और कम आय वर्ग (LIG) के लिए आरक्षित घरों के हक को मारने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
यह पूरी कार्रवाई मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सीधे हस्तक्षेप और निर्देशों के बाद शुरू हुई है। नासिक के डिविजनल कमिश्नर की अध्यक्षता में गठित इस SIT में राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। मंत्री बावनकुले ने कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग गरीबों के हक का गला घोंटते हैं, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, कानून का शिकंजा उन पर कसना तय है।
नियमों के मुताबिक, हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में 20 प्रतिशत कोटा म्हाडा (MHADA) के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है। लेकिन जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कई डेवलपर्स ने अधिकारियों को गुमराह करने के लिए फर्जी दस्तावेजों, नकली मुहरों और जाली हस्ताक्षरों का सहारा लिया। नियमों से बचने के लिए डेवलपर्स ने कागजों पर प्रोजेक्ट का कुल एरिया वास्तविक क्षेत्रफल से कम दिखाया। लैंड रिकॉर्ड विभाग द्वारा किए गए वेरिफिकेशन में कुल 128 मामलों की जांच की गई, जिनमें से 49 मामलों में सीधे तौर पर धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है।
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इस घोटाले की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भू-अभिलेख विभाग की शिकायत के आधार पर सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। आरोपियों पर धोखाधड़ी और सरकारी रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। प्रशासन अब उन सभी बिल्डरों की लिस्ट तैयार कर रहा है जिन्होंने गरीबों के लिए आरक्षित लैंड बैंक को अवैध रूप से हड़पा या उसे डाइवर्ट किया है।