नासिक कुंभ मेला तैयारी( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Amrit Snan Crowd Management: नासिक आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में नासिक पुलिस आयुक्तालय ने अपनी तैयारियों को युद्ध स्तर पर तेज कर दिया है। विशेष रूप से पर्व काल के दौरान ‘अमृत स्नान’ के लिए उमड़ने वाली करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ को सुचारू रूप से संभालने के लिए पुलिस ने व्यापक रणनीति बनाई है।
श्रद्धालुओं को कम से कम समय में स्नान का अवसर मिल सके, इस चुनौती से निपटने के लिए अब नासिक पुलिस की टीमें देश के पांच राज्यों के प्रमुख मंदिरों का विशेष अध्ययन दौरा करेंगी।
पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक की विशेष पहल पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने सिंहस्थ की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आयुक्तालय के सिंहस्थ प्रकोष्ठ ने श्रद्धालुओं के आवागमन, पार्किंग और घाटों की सुरक्षा का खाका तैयार किया है।
इससे पहले वर्ष 2025 में प्रयागराज कुंभ मेले का अध्ययन किया जा चुका है। अब महाराष्ट्र के पंढरपुर और शिडर्डी के साथ-साथ आध्रप्रदेश के तिरुपति बालाजी, ओडिशा के जगन्नाथ पुरी, मध्य प्रदेश के उज्जैन और तमिलनाडु के मदुरै मीनाक्षी मंदिर की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया जाएगा।
इन मंदिरों में प्रतिदिन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के प्रबंधन के लिए पुलिस द्वारा उपयोग की जाने वाली आधुनिक तकनीक और विशेष पद्धतियों का बारीकी से अध्ययन किया जाएगा, अमृत स्नान के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु को चाट तक पहुंच सुनिश्चित करने और किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए इन मंदिरों के क्राउड मैनेजमेंट मॉडल को आधार बनाया जाएगा, अध्ययन के लिए पुलिस की 6 अलग-अलग टीमें विभिन्न राज्यों के लिए रवाना होंगी। निर्धारित समय में अधिकतम श्रद्धालुओं को स्नान का अवसर देना और भगदड़ जैसी स्थितियों को रोकना पुलिस का प्राथमिक लक्ष्य है।
सिंहस्थ प्रकोष्ठ केवल अध्ययन दौरों तक ररीमित नहीं है, बल्कि पूर्व की घटनाओं का भी गहन विश्लेषण कर रहा है, इसमे 2003-04 में नासिक की दुर्घटनाओं और 2015-16 की व्यवस्थाओं का बारीकी से अध्ययन शामिल है।
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दुनिया भर में हुई भगदड़ की बड़ी घटनाओं से सबक लेकर नासिक की भौगोलिक संरचना के अनुसार एक नया सिक्योरिटी प्लान तैयार किया जाएगा, पुलिस का विशेष ध्यान इस बात पर है कि श्रद्धालुओं को कतारों में कम से कम समय बिताना पड़े और पूरी सुरक्षा के साथ उनका धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो।
अध्ययन क्षेत्र 5 राज्यों के प्रमुख धार्मिक स्थल, विशेष टीमें 6 अलग-अलग जीच दल, फोकस क्राउड मैनेजमेंट और आपातकालीन निकास, पिछला संदर्भप्रयागराज कुंभ 2025 का अध्ययन संपन्न।