Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

नाशिक के ITI में तैयार किए जाएंगे पुरोहित, वैदिक प्रशिक्षण की अनोखी शुरुआत! सरकार के फैसले की आलोचना

Nashik ITI New Course: नाशिक के आईटीआई में अब नए वैदिक संस्कार के प्रशिक्षण की शुरुआत होने जा रही है। इस पाठ्यक्रम में वैदिक शिक्षा दी जाने वाली है।

  • Written By: प्रिया जैस
Updated On: Oct 23, 2025 | 01:19 PM

वैदिक शिक्षा (सौजन्य-सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Nashik News: नाशिक के आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) कॉलेजों में पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ वैदिक संस्कार की शिक्षा देने का निर्णय लिया गया है। जल्द ही नया अल्पकालिक रोजगारपरक पाठ्यक्रम वैदिक संस्कार जूनियर असिस्टेंटर शुरू किया जाएगा, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

चूंकि नाशिक कुंभ मेले का केंद्र है, इसलिए दैनिक धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों के लिए हजारों पुजारियों की आवश्यकता होती है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, आईटीआई छात्रों को वैदिक अनुष्ठानों, मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना का प्रशिक्षण देने के लिए यह पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का संगम

इस पहल का उद्देश्य आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और आध्यात्म का संगम बनाना बताया जा रहा है। हालांकि, नाशिक और त्र्यंबकेश्वर के स्थानीय पुजारियों और त्र्यंबकेश्वर मंदिर के न्यासियों ने इसका कड़ा विरोध किया है।

सम्बंधित ख़बरें

यवतमाल के 980 गांवों पर फिर प्रशासक राज! ग्राम पंचायतों में चुनाव पर संशय बरकरार

भंडारा नगर परिषद में कल सजेगी राजनीतिक बिसात, समितियों के गठन पर सबकी नजर, किसे मिलेगी स्थायी समिति की कमान?

गोंदिया जिले में जलयुक्त शिवार के 781 काम परे, छोटे किसानों को सिंचाई कार्य के लिए फायदा

वर्धा की सड़कों पर डर का साया! मानसिक विक्षिप्त बन रहे खतरा, आर्वी में दो की मौत के बाद भी प्रशासन बेपरवाह

जमकर हो रही सरकार के फैसले की आलोचना

इस बारे में त्र्यंबकेश्वर मंदिर के ट्रस्टी कैलाश घुले ने कहा कि आगामी कुंभमेले के लिए पुजारी बनने हेतु आईटीआई में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों और परंपराओं के विरुद्ध है। कॉलेजों में संस्कृत पढ़ाई जाती है, इसे पेशे का रूप देकर सरकार ने मनमाने तरीके का फैसला किया है? सरकार के इस निर्णय पर कई तरह के सवाल उठाए गए हैं। कैलास घुले ने आगे कहा कि पुरोहिताई पेशे की शिक्षा देकर इस हॉल को सभी के लिए खोला जा रहा है।

यह भी पढ़ें – Gold-Silver: सोने में 6,700 और चांदी में 10,700 की भारी गिरावट! निवेशकों के लिए क्या है अगला कदम?

पूर्वजों ने बनाई है पुरोहित की अवधारणा

  • इसके लिए परंपराएं और रीति-रिवाज हैं। तीर्थ पुरोहित की अवधारणा हमारे पूर्वजों द्वारा अस्तित्व में लाई गई थी।
  • यदि हमारे पूर्वज तीर्थ यात्रा पर जाते थे, तो वे वहां गुरुजी के पास जाते थे और पूजा अनुष्ठान करते थे।
  • हालांकि, सरकार ने इसे एक पेशे का रूप देते हुए इस तरह का पाठ्यक्रम पेश किया है। हम इसका पूरी तरह से विरोध करते हैं।

अगर कल को अन्य धर्मों के नागरिक इस शैक्षिक कार्यक्रम में प्रवेश लेने की कोशिश करते हैं, तो क्या आप उन्हें पुजारी बनने की अनुमति देंगे? यह मेरा सरकार से सवाल हैं यह कहते हुए कि सरकार एक गलत अवधारणा पर आधारित शिक्षा प्रणाली शुरू कर रही है, कैलास घुले ने सरकार के फैसले का कड़ा विरोध किया हैं।

Nashik iti train purohit initiative vedic training government criticized

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Oct 23, 2025 | 01:19 PM

Topics:  

  • Maharashtra
  • Nashik
  • Nashik News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.