भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Gopichand Padalkar On Nashik IT Company Case: नासिक के मुंबई नाका पुलिस थाना क्षेत्र में एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी से जुड़ा महिलाओं के यौन शोषण और धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। आरोप है कि कंपनी के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि की महिलाओं और युवतियों को निशाना बनाया। उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले जाकर यौन शोषण, आर्थिक उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। यह घटनाएं पिछले कुछ वर्षों से चल रही थीं। एक पीड़िता द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद मामला उजागर हुआ और इसके बाद 9 और शिकायतें सामने आई हैं।
इस पूरे मामले पर भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर ने कहा कि नासिक में जो घटना हुई है, क्या वह हर कंपनी में हो रही है? नासिक कोई बड़ा आईटी हब नहीं है, जबकि पुणे में अधिक आईटी कंपनियां हैं। इसलिए अन्य जगहों पर भी ऐसे मामले हो रहे हैं या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने नासिक पुलिस की सराहना की और परिवारों से अपील की कि वे अपनी बेटियों पर ध्यान रखें-वे कहां जा रही हैं, किसके साथ जा रही हैं, इस पर नजर रखें। इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया है और मुख्यमंत्री स्वयं इस पर नजर रख रहे हैं।
गोपीचंद पडलकर ने आगे दावा किया कि अहिल्यानगर में भी ऐसा मामला सामने आया था, जहां एक व्यक्ति ने अपनी पहचान छिपाई थी। नासिक के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ है। उन्होंने कहा कि 2090 तक हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएंगे। कश्मीर में 100 साल पहले ऐसा ही हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि 2027 की जनगणना के बाद भारत में मुस्लिम समाज की जनसंख्या सबसे अधिक हो जाएगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सभी मुसलमानों के बारे में नहीं बोल रहे, बल्कि उन लोगों के बारे में कह रहे हैं जो ‘भारत माता की जय’ या ‘वंदे मातरम’ नहीं कहते।
यह भी पढ़ें:- CM फडणवीस ने किया महाराष्ट्र के पहले CBSE जिला परिषद स्कूल का उद्घाटन, जानें खूबियां
भाजपा विधायक पडलकर ने कहा कि नासिक आईटी कंपनी मामले में एचआर अधिकारी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। यह देखना जरूरी है कि कहीं उसकी लापरवाही तो नहीं थी। एक युवक का धर्मांतरण किया गया, जो गंभीर मामला है। कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के हिंदू नेताओं को भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए। यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। कंपनी में ‘जिहादी तत्व’ हैं या नहीं, उनकी डिग्रियां असली हैं या नहीं-इसकी भी जांच होनी चाहिए।