नासिक आईटी कंपनी मामला( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Women Exploitation Case: नासिक शहर की एक आईटी कंपनी की आड़ में महिलाओं के यौन शोषण, धर्मांतरण के दबाव और अवैध गतिविधियों के उजागर होने के बाद भाजपा आक्रामक हो गई है।
भाजपा के शहराध्यक्ष सुनील केदार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस उपायुक्त मोनिका राउत से मुलाकात कर सख्त कार्रवाई की मांग की। अपनी मांगों के बारे में जानकारी देते हुए शहराध्यक्ष सुनील केदार ने कहा कि यह केवल एक अपराध नहीं बल्कि समाज के लिए बड़ा खतरा है, फरार आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर इस पूरे रैकेट की तह तक जाकर इसका पर्दाफाश किया जाए।
संबंधित कंपनी की गहन जांच की जाए और जांच पूरी होने तक उसे तत्काल सील किया जाए। शहर की सभी आईटी कंपनियों और कॉल सेंटरों में काम करने वाले नए और पुराने कर्मचारियों का ‘पुलिस चरित्र सत्यापन’ अनिवार्य किया जाए।
भाजपा ने स्थानीय नागरिक समस्याओं और बढ़ते अपराधी की और भी ध्यान आकर्षित किया। अशोका अस्पताल क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से नागरिकों को हो रही परेशानी को दूर किया जाए।
सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हंगामा करने वालों पर पुलिस प्रशासन नकेल कसे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की गई।
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इस मौके पर सुनील देसाई, श्याम बडोदे, चंद्रकांत खोडे, दीपाली कुलकर्णी, प्रवीण भाटे, अजिंक्य साने, प्रकाषा ननावरे, यशवत निकुले, सुनील खोडे, निखिल खोडे, सचिन कुलकर्णी, बबलू परदेशी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। पुलिस उपायुक्त मोनिका राऊत ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।